All schools will remain closed till 27 June, Ghaziabad also sweltered with heat, doctors’ leave banned, 22 people died in one day,
गाजियाबाद में भीषण गर्मी से मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में जिले में 22 लोगों की मौत हुई है। जिसमें से 16 लोगों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। बुधवार को अभी तक के सबसे अधिक 37 शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। इनमें 72 घंटे से रखे गए अज्ञात शव भी शामिल हैं।
अज्ञात शवों की वजह से हिंडन मोर्चरी भर गई है। मोर्चरी में आठ फ्रीजर हैं जिसमें से दो खराब हैं। शवों की संख्या अधिक होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलग से 25 स्ट्रेचर की व्यवस्था की है जिसको मोर्चरी में भेजा गया है। इन स्ट्रेचर पर शवों को रखकर एसी कमरे में रखा जा रहा है।
लू की चपेट में दिल्ली, अस्पतालों में 310 मरीज भर्ती
दिल्ली सरकार के 37 अस्पतालाें में पिछले 48 घंटे में 310 मरीजों को भर्ती किया गया। इसमें से 112 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 14 मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसमें सबसे ज्यादा 6 मरीजाें ने लोकनायक में दम तोड़ा। वहीं 118 मरीजों का अभी भी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसमें तिहाड़ सेंट्रल जेल के 16 लोग भी शामिल हैं। पिछले 48 घंटे में इन अस्पतालों में 52 शव लाए गए। इन शवों का नियम के तहत 72 घंटे के भीतर पोस्टमार्टम होगा।
अस्पताल में लाए गए शव
बाबू जगजीवन राम अस्पताल : 4
दीप चंद बंधु अस्पताल : 6
दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल : 41
इंदिरा गांधी अस्पताल : 1
105 डिग्री फारेनहाइट तापमान पर लू
मरीज के शरीर का तापमान अगर 105 डिग्री फारेनहाइट या उससे अधिक रहता है और उसे कोई दूसरी गंभीर बीमारी नहीं होती तो उसे लू का रोगी घोषित किया जाता है।
आरएमएल में विशेष यूनिट
आरएमएल अस्पताल में ऐसे मरीजों के शरीर को तत्काल ठंडा करने के लिए हीट स्ट्रोक यूनिट काम कर रही है। मरीजों को बर्फ और पानी से भरे स्नानघर में रखा जाता है। जब उनके शरीर का तापमान 102 डिग्री फारेनहाइट से नीचे चला जाता है, तो उन पर नजर रखी जाती है। यदि वे स्थिर हैं, तो उन्हें वार्ड में स्थानांतरित कर दिया जाता है, अन्यथा वेंटिलेटर पर रखा जाता है। दूसरी तरफ दिल्ली सरकार की एक समिति है, जो बाद में मौतों की पुष्टि करती है।
चिकित्सकों के अवकाश पर रोक
तत्काल प्रभाव से चिकित्सकों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इन मौतों को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन भीषण गर्मी की वजह से लोग बेहोश होकर गिर रहे हैं और अस्पताल पहुंचने पर उनको मृत घोषित किया जा रहा है।
अधिकारी मौतों को लेकर कह रहे हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का सही कारण पता चल पाएगा। जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि खोड़ा में दो दिन पहले 28 वर्षीय अंशुमन त्रिपाठी की मौत हो गई थी।
तीन दिन में 45 लोगों की मौत के बाद हडकंप
सीएमएस ने बताया कि आठ लोगों की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में केवल अंशुमन त्रिपाठी की मौत की लू लगने से पुष्टि हुई है। जिले में यह लू से पहली मौत है। आडिट समिति इसकी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को भेजेगी। अकेले जिला एमएमजी अस्पताल में तीन दिन में 45 लोगों की मौत के बाद हडकंप मच गया है।
17 जून को 16, 18 जून को 18 और 19 जून को देर शाम तक 11 लोगों की मौत हुई है। प्रशासन ने बुधवार को सीएमएस से इसकी पूरी रिपोर्ट मांग ली, लेकिन बचाव को लेकर देर शाम तक अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं दिखे।
लोग दिन-रात गर्म सड़कों पर सोने को मजबूर है। रैन बसेरों में गर्मी से बचाव के इंतजाम नहीं है। इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ बढने के साथ ही मोर्चरी में शव रखने को जगह नहीं है। पोस्टमार्टम हाउस स्थित मोर्चरी में लगाए गए डीप फ्रीजर खराब होने से शवों को स्ट्रेचर और जमीन पर ही रखा जा रहा है। बुधवार देर रात तक 31 लोगों के पोस्टमार्टम होते रहे।
प्लेटफार्म हुए फुल, पुजारी की तबीयत बिगड़ी
हरनंदी मोक्ष स्थल पर बुधवार को शवों को अंतिम संस्कार कराने के दौरान सभी प्लेटफार्म फुल हो गए, हालांकि शवों की कतार यहां पर नजर नहीं आई।
मोक्ष स्थली के प्रभारी आचार्य मनीष पंडित ने बताया कि पांच दिन से अंतिम संस्कार के लिए शवों की संख्या बढ़ गई है। इनमें लावारिस शव अधिक पहुंच रहे हैं। बुधवार को कुल 35 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। गर्मी में पुजारी विजय शर्मा की तबीयत भी बिगड़ गई।
बुखार के 321 मरीज पहुंचे
बुधवार को जिला एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में बुखार के 321 और हीट स्ट्रोक के 63 मरीज पहुंचे। इनमें से 31 को भर्ती कराया गया है। बुखार के मरीजों में 24 बच्चों में से 10 को भर्ती किया गया है।
इमरजेंसी में पहुंचे 114 मरीजों में से उल्टी-दस्त के 29 मरीज पहुंचे। इनमें 14 बच्चे शामिल हैं और 18 मरीजों को भर्ती किया गया। इमरजेंसी में एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। सीएमएस ने बताया कि ओपीडी में पहुंचे कुल 1415 में 654 महिला और 519 पुरुष मरीज शामिल हैं। 242 बीमार बच्चे पहुंचे।
आंखों में खुजली और जलन के 187 मरीज पहुंचे। त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या द्विवेदी ने बताया कि घमौरी के मरीज बढ़ गए हैं। भर्ती मरीजों की संख्या 116 है। संयुक्त अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 873 मरीजों में 338 महिला,292 पुरुष और 54 बीमार बच्चे शामिल हैं। नौ बच्चों को भर्ती किया गया है।
सीएमएस द्वारा जारी रिपोर्ट
17 जून को 10 लोगों को मृतावस्था में लाया गया और छह मरीजों की उपचार के दौरान मौत हुई।
18 जून को नौ लोगों को मृतावस्था में लाया गया और नौ मरीजों की उपचार के दौरान मौत हुई।
19 जून को 10 लोगों को मृतावस्था में लाया गया और एक मरीज की उपचार के दौरान मौत हुई।
गर्मी से बचाव को बरतें ये सावधानी
बाहर का खाना न खाएं।
सुबह 11 बजे से दोपहर के चार बजे तक बाहर निकलने से बचें। जरूरी हो तो छाता लेकर निकलें। सिर पर कैप लगाएं।
पानी का खूब सेवन करें। थकावट और बेहोश होने की स्थिति में चिकित्सक से संपर्क जरूर करें।
ओआरएस का पैकेट घर में जरूर रखें। ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें।
धूप में निकलने से पहले आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे जरूर लगाएं।
धूल से बचाव जरूर करें। बिना चिकित्सक की सलाह के कोई आई ड्राप न डाले। बार बार पानी से धोएं।
यदि कुछ देर काम करने पर थकावट होती है और पसीने अधिक आते हैं तो समझ लो कि हीट वेव की चपेट में आने वाले हैं।
यहां करा सकते हैं इलाज
स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. आरके गुप्ता को 8090002018 और सीएमओ डॉ.भवतोष शंखधर के मोबाइल 8077305574 पर कॉल करें।
जिला एमएमजी, संयुक्त अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सीएचसी लोनी, डासना, भोजपुर, बम्हैटा, मोदीनगर, मुरादनगर के अलावा 97 उप स्वास्थ्य केंद्र और 54 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर निश्शुल्क इलाज करा सकते हैं। एंबुलेंस के लिए 102 और 108 नंबर मिला सकते हैं।



