रायगढ़। रायगढ़ नगर निगम के पार्षद चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी समीकरण दिलचस्प मोड़ ले चुके हैं। जहां दो वार्डों में सत्तारूढ़ भाजपा ने निर्विरोध जीत हासिल की है, वहीं अधिकांश वार्डों में कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
नगर निगम के वार्ड नंबर 32 में इस बार चतुर्कोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस वार्ड में भाजपा और कांग्रेस के पारंपरिक मुकाबले के बीच निर्दलीय उम्मीदवार मृत्युंजय सिंह ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दोनों प्रमुख दलों की चिंता बढ़ा दी है।
विकास कार्यों पर सवाल
वार्ड नंबर 32 में पिछले दो कार्यकाल से कांग्रेस का कब्जा रहा है, लेकिन वार्ड की बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। सड़क, पानी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर वार्डवासियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी असंतोष को भुनाने के लिए भाजपा ने पिछले चुनाव में हारे हुए और पूर्व में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके नरेश पटेल को फिर से प्रत्याशी बनाया है।
इसी बीच, समाजसेवा से जुड़े मृत्युंजय सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। वे वार्ड में घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं और लोगों को बदलाव का विकल्प देने की बात कर रहे हैं।
मृत्युंजय सिंह का चुनावी घोषणा पत्र बना आकर्षण का केंद्र
निर्दलीय प्रत्याशी मृत्युंजय सिंह ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है, जिसमें वार्ड के हर वर्ग के लिए आकर्षक योजनाएं शामिल हैं। उनकी सबसे खास घोषणा वार्ड की बहन-बेटियों के विवाह में अपनी ओर से 11,000 रुपये की आर्थिक सहायता देना है। इसके अलावा, उन्होंने साफ-सफाई, नाली, बिजली, पानी, सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों को भी अपनी प्राथमिकता में रखा है। मृत्युंजय सिंह बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य शिविर, युवाओं के लिए जिम और धार्मिक आयोजन के तहत हर वर्ष भागवत कथा कराने का वादा कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने भागवत कथा का आयोजन भी किया, जिससे उन्हें क्षेत्र में वर्ग का समर्थन भी मिलने लगा है।
वार्ड 32 में त्रिकोणीय से चतुर्कोणीय मुकाबला
इस वार्ड में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही थी, लेकिन अब मृत्युंजय सिंह और एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी तुलसी चौहान के मैदान में आने से मुकाबला चतुर्कोणीय हो गया है।
भाजपा प्रत्याशी नरेश पटेल और कांग्रेस के प्रत्याशी रत्थू जायसवाल मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। लेकिन, वार्ड की जनता इस बार क्या निर्णय लेती है , यह तो समय ही बताएगा, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी मृत्युंजय सिंह की सक्रियता से उनको भी फायदा मिल सकता है।
कौन मारेगा बाजी, जनता करेगी फैसला
वार्ड 32 का यह चुनाव दिलचस्प मोड़ पर आ चुका है। मतदाता का भाजपा और कांग्रेस सहित निर्दलीय प्रत्याशियों की ओर भी रुझान बढ़ता दिख रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस बार परंपरागत राजनीति को तरजीह देती है या निर्दलीय को मौका देती है। चुनावी प्रचार जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वार्ड 32 की तस्वीर और साफ होगी।



