In the meeting, along with counselling, a warning was given to take strict action if found carrying passengers in goods carriers
रायगढ़ के सभी थानों में मालवाहक वाहन के मालिक-चालकों की बैठक, मालवाहक में सवारी ढोने पर जताई कड़ी आपत्ति
रायगढ़ । सड़क हादसों में अंकुश लगाने की दिशा में रायगढ़ पुलिस लगातार मोटर व्हीकल एक्ट की कार्रवाई, जागरूकता कार्यक्रम तथा परिवहन विभाग, एनएच, पीडब्लुडी के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा को लेकर सुधारात्मक कार्य किए जा रहे है। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देश पर मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने की घटनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एकसाथ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है । इसी क्रम में शुक्रवार सुबह थाना कोतरारोड़ में डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी एवं थाना प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी द्वारा पिकअप वाहन मालिकों और चालकों की बैठक लेकर उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यदि अब उनके वाहनों में यात्री बैठे मिले या हादसे में किसी की जान गई, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान डीएसपी बनर्जी ने कहा कि देश में सड़क दुर्घटनाएं मृत्यु के बड़े कारणों में शामिल हैं, और इनमें भी मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाकर की गई लापरवाही से कई मासूम जानें जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मालवाहक का इस्तेमाल सिर्फ माल ढोने के लिए ही किया जाना चाहिए, इसे यात्री वाहन बनाना न केवल खतरनाक है, बल्कि कानून का गंभीर उल्लंघन भी है। नए मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, यदि जानबूझकर ऐसे वाहन में सवारी बैठाकर दुर्घटना कर दी गई, तो उसे गैर इरादतन हत्या का अपराध माना जाएगा, साथ ही वाहन बीमा कंपनी भी किसी तरह का मुआवजा नहीं देगी।
पुलिस अधिकारियों ने वाहन मालिकों को यह भी निर्देशित किया कि वे समय-समय पर चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं, नशे में वाहन चलाने वालों को ड्यूटी से हटाएं, और यह सुनिश्चित करें कि उनके सभी दस्तावेज—आरसी बुक, फिटनेस सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस आदि—पूरी तरह अपडेट हों और वाहन में हमेशा उपलब्ध रहें। वाहन स्वामियों से यह भी कहा गया कि वे चालकों को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील बनाएं और खुद भी जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं।
रायगढ़ जिले में यह बैठक सिर्फ कोतरारोड़ थाना क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। जिले के सभी थानों में राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों ने वाहन मालिकों और चालकों के साथ इसी तरह की बैठकें कर उन्हें कानून और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। पुलिस ने साफ कर दिया है कि अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी और भविष्य में ऐसे किसी भी कृत्य पर सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।
पुलिस की यह पहल जहां सड़क सुरक्षा को लेकर एक गंभीर संदेश देती है, वहीं यह भी बताती है कि यदि समय रहते वाहन चालक और मालिक सचेत नहीं हुए तो आने वाले समय में उन्हें कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि ऐसे किसी भी वाहन में यात्रा न करें जो माल ढोने के लिए बना हो, क्योंकि यह न केवल उनके लिए जानलेवा हो सकता है बल्कि वाहन मालिक और चालक के लिए भी जेल की राह खोल सकता है।





