Stopping journalists from entering medical colleges and hospitals is a symbol of dictatorship and injustice to the public
मीडिया को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं – रामचंद्र
चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सभी चिकित्सा महाविद्यालय और सम्बद्ध चिकित्सालय में पत्रकारों के ऊपर बंदिश लगाने और जबरिया नियम लागु करने को लेकर जिले के वरिष्ठ पत्रकार रामचंद्र शर्मा ने गहरी आपत्ति जताते हुए चिंता जाहिर की है | ज्ञात हो कि स्वास्थ्य मंत्रालय के चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता और सम्बद्ध अस्पताल के अस्पताल अधीक्षक को सम्बोधित करते हुए निर्देश जारी किया गया है इस पत्र में मीडिया को लेकर बहुत सारी बंदिशों की बात कही गई है , इसमें ऐसे नियम और बातें कही गई है जिससे पत्रकार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल जा ही न पायेगा ,उसे हर छोटी बड़ी बात के लिए अनुमति लेनी पड़ेगी , इस पर वरिष्ठ पत्रकार रामचंद्र शर्मा ने घोर आपत्ति जताई है उन्होंने कहा कि यदि कॉलेज प्रबंधन पाकसाफ है तो इस नियम की कोई जरूरत ही नहीं है वरना अपनी कमियों को उजागर होने से रोकने के लिए यह सर्कुलर जारी किया गया है ऐसा सर्कुलर तानाशाही को दर्शाता है इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए , सभी पत्रकारों और प्रेस की संस्थाओ की ओर से इसका विरोध है , इससे मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में भी फर्क पड़ेगा , मनमानी होने लगेगी , सार्वजनिक और जनहित के मुद्दे पर ऐसा आदेश स्वीकार नहीं है , रामचंद्र शर्मा ने सभी पत्रकारों को एकजुट होकर विरोध में आने के लिए भी आव्हान किया है




