The closed school is back in business, education got a new boost from the Niyyad Nellnar scheme
युक्तियुक्तकरण बना सहारा, स्कूल को मिले दो योग्य शिक्षक
नारायणपुर– प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर अबुझमाड़ के लोग अपनी संस्कृति और विशेष परंपराओं के निर्वहन के लिए पहचाने जाते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने खुशहाल जीवन जीने के लिए स्वयं को प्रकृति के अनुकूल बनाए रखा, अपने को संभाले रखा, लेकिन वर्षों से उनके खुशहाल जीवन को माओवादियों की नजर लग गई थी, नाच-गाना बंद हो गए, मांदर की थाप मंद पड़ गई, सड़कें सुनी हो गई और स्कूल बंद होने लगे। स्थानीय हाट बाजार भी बंद हो गये, जहां से स्थानीय लोग अपनी छोटी-छोटी जरूरतों की खरीदी करते थे। हर हाल में अपनी जीवन में खुशियों के रंग सहेजकर रखने वाले वनवासियों की जिंदगी धीरे धीरे बेरंग हो गई थी।
माओवादी गतिविधियों के कारण शासन-प्रशासन द्वारा संचालित योजनाओं का समुचित लाभ भी अंदरुनी इलाकों में स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा था। इस सब समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ (अपका अच्छा गांव) संचालित की जा रही है, जिसमें सुरक्षा कैम्पों के पांच किलोमीटर के दायरे वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ शतप्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचाने की मुहिम चलायी जा रही है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है।
नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना माओवाद प्रभावित इलाकों में गेम चेन्जर्स साबित हो रही है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों मंे योजनाओं के तहत् आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, सड़क, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी के तहत् नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम ईरकभट्टी में सड़क का निर्माण किया गया है, बिजली पहुंच गयी है। यहां का प्राथमिक शाला जो बंद हो गया था, वह फिर से शुरु हो गया है और युक्तियुक्तकरण के माध्यम से प्राथमिक शाला ईरकभट्टी में दो नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।



