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शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा देने भूतपूर्व विधायक का बीजापुर दौरा, धर्मांतरण और आदिवासी हत्याओं पर भी जताई चिंता

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स्कूटी से छात्रावास बच्चियों को छोड़ने मामले में प्रशासन करें सख्त कार्रवाई कार्यकारी अध्यक्ष छग सर्व आदिवासी समाज

बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – भूतपूर्व विधायक एवं कार्यकारी सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष राजाराम तोड़ेम ने बीजापुर जिले के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचकर जिले के कलेक्टर संबित मिश्रा से मुलाकात की और जिले में शिक्षा तथा पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब आदिवासी समाज शिक्षित होगा, तो यहां का पर्यटन भी विकसित होगा। इससे बस्तर की छवि बदलेगी और बाहर से लोग आने लगेंगे, जिससे आर्थिक और सामाजिक विकास होगा। मुझे विश्वास है कलेक्टर युवा होने के नाते इस दिशा में अच्छे खरे उतरेंगे।

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राजाराम तोड़ेम ने जिले में संचालित 28 पोटाकेबिन और 142 आश्रम-छात्रावासों की बदहाल स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं खाने-पीने की व्यवस्था भी दयनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोग केवल अधीक्षक बनने की होड़ में लगे हैं और नियुक्ति के बाद केवल निजी स्वार्थ साध रहे हैं, जबकि शिक्षा और विद्यार्थियों की व्यवस्था से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि ट्राइबल विभाग और शिक्षा विभाग को एकजुट होकर कार्य करना होगा, तभी इन समस्याओं का समाधान संभव है।

नक्सल हिंसा और निर्दोष आदिवासियों की हत्या पर उन्होंने तीव्र प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नक्सली हो या पुलिस – दोनों ही ओर से ग्रामीणों का उत्पीड़न हो रहा है। निर्दोषों की निर्मम हत्याएं बंद होनी चाहिए और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।

दौरे के दौरान धर्मांतरण के मुद्दे पर बोलते हुए राजाराम तोड़ेम ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए अधिनियम के तहत अब जो आदिवासी परंपराओं से भटक कर दूसरे धर्मों में चले गए हैं, अगर वे वापस लौटते हैं तो उन्हें प्रोत्साहन राशि और सम्मान दिया जाएगा। वहीं, जो आदिवासी वापस नहीं लौटेंगे, उन पर छत्तीसगढ़ धारा 41 के तहत उनकी आदिवासी पहचान समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने कहा, “हर आदिवासी को यह समझना चाहिए कि हमारी परंपराएं अलग हैं। यदि कोई परिवार दुख की घड़ी में अपने मृत परिजन को दफनाने के लिए जगह तक न पाए, तो यह सोचने का समय है। धर्मांतरण के सभी समाज के लोगों के वापस आने पर प्रोत्साहन राशि देने की सरकार की इस पहल का स्वागत करता हूं और कार्यकारी अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ होने के नाते इस दिशा में बड़ा कदम मानता हूं।”

बड़ी बयान जिला प्रशासन की उदासीनता कार्रवाई पर पूरा मामला 3 जुलाई 2025 को वायरल वीडियो रात के स्कूटी से दो बच्चियों को आश्रम छोड़ने वाले मामले में उन्होंने कहा कि प्रशासन इसमें सख्त से सख्त कार्रवाई करें जो जो शामिल हैं। सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ मांग करता है, जरूरत पड़े तो आंदोलन भी करेंगे।

इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष बीजापुर जी. वेंकट एवं कौशल नागवंशी भी उपस्थित रहे।

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