Odissi dance artists Bhumisuta Mishra and Lipsa Rani from Raipur showed their attractive dance skills
रायगढ़ / 40वें चक्रधर समारोह की भव्य सांस्कृतिक संध्या में रायपुर जिले से आईं ओडिसी नृत्यांगनाएं सुश्री भूमिसूता मिश्रा एवं सुश्री लिप्सा रानी बिस्वाल ने अपने अद्वितीय नृत्य प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर उतरीं दोनों कलाकारों ने शास्त्रीय नृत्य की कोमलता, भावभंगिमाओं की गहराई और ताल-लय की अद्भुत प्रस्तुतियों से समारोह का आकर्षण और भी बढ़ा दिया।
ओडिसी नृत्य की प्राचीन शैली को जीवंत करते हुए कलाकाराओं ने भगवान गणेश , राधा-रानी संग नाचे मुरली पर आधारित भावपूर्ण आकर्षक प्रस्तुति दी। अंग-संचालन, मुख-मुद्राएँ और पदचालन की सुंदर लयबद्धता ने दर्शकों को ओडिसा की सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई। संगीत और वाद्य-ताल के साथ जब दोनों ने मंच पर नृत्य किया, तो वातावरण में भक्ति और सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला।
समारोह में उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से दोनों कलाकाराओं का स्वागत किया। सुश्री भूमिसूता मिश्रा और लिप्सा रानी बिस्वाल ने जिस निपुणता और भावप्रवणता से नृत्य प्रस्तुत किया, वह ओडिसी परंपरा की समृद्धि और भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा का प्रतीक है। बता दे की मात्र 10 वर्ष की छोटी सी उम्र से ही भूमिसूता मिश्रा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्तर के महोत्सवो तथा सांस्कृतिक मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बन चुकी हैं। सुश्री लिप्सा रानी ने भी अनेक प्रतिष्ठित महोत्सवो और कार्यक्रमों में अपने ओडीसी नृत्य का सौंदर्य प्रदर्शन कर ख्याति अर्जित कर चुकी है।



