Chakradhar Samaroh 2025: Ishika Giri of Bilaspur danced to the thumri of Raigarh Gharana
कथक नृत्य, सरस्वती वंदना और रायगढ़ घराने की ठुमरी से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
रायगढ़ // अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह के चौथे दिन देश-प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से सुर, ताल और लय का अनूठा संगम रचा। इस अवसर पर बिलासपुर की 14 वर्षीय प्रतिभाशाली कलाकार इशिका गिरी ने कथक नृत्य में मनमोहक प्रस्तुति दी। इशिका ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत सरस्वती वंदना से की, इसके बाद उन्होंने तोड़े-टुकड़े प्रस्तुत किए और अंत में महाराजा चक्रधर सिंह के रायगढ़ घराने की ठुमरी पर नृत्य कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कम उम्र में ही शास्त्रीय नृत्य में विशेष पहचान बना चुकी इशिका गिरी ने अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। वर्तमान में वे इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से सम्बद्ध कमलादेवी संगीत महाविद्यालय रायपुर में प्रो. डॉ. आरती सिंह के मार्गदर्शन में नृत्य की बारीकियां सीख रही हैं। वर्ष 2025 में भी इशिका ने भोरमदेव महोत्सव, महिला मड़ई सहित कई प्रतिष्ठित आयोजनों में अपनी नृत्य कला से छत्तीसगढ़ की संस्कृति का गौरव बढ़ाया है।



