Home Blog वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में जिला प्रशासन द्वारा हुआ भव्य सम्मेलन, श्रद्धालुओं...

वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में जिला प्रशासन द्वारा हुआ भव्य सम्मेलन, श्रद्धालुओं ने साझा किए अविस्मरणीय अनुभव

0

The district administration organized a grand conference in honor of senior citizens, devotees shared unforgettable experiences.

श्रीरामलला दर्शन एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से श्रद्धालुओं के सपने हो रहे पूरे: वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी

Ro.No - 13672/156

अब तक रायगढ़ जिले के 1200 से अधिक श्रद्धालु योजना का लाभ लेकर कर चुके है दर्शन

रायगढ / जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा नगर निगम ऑडिटोरियम में श्रीरामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान हेतु भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने भगवान श्रीराम की छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान रामायण की आरती से पूरा वातावरण राममय हो गया। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने श्रद्धालुओं को पुष्पगुच्छ भेंटकर एवं चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। सम्मेलन में श्रीरामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की अविस्मरणीय स्मृतियों को संजोए हुए वीडियो प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र बनी। इस कार्यक्रम में नगर निगम रायगढ़ महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, श्री अरूणधर दीवान, श्री रविन्द्र गबेल, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री विकास केडिया, श्री सतीश बेहरा, श्री पवन शर्मा, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री जितेंद्र यादव सहित प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ और ऐतिहासिक है। इस सम्मेलन के माध्यम से श्रद्धालुओं का सम्मान करना उनके लिए आत्मिक सुख और संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति के मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। उनका छत्तीसगढ़ से गहरा नाता रहा है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं और इसी कारण भगवान श्रीराम को हम भांजा मानते हैं। वित्तमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम का वनवास 14 वर्ष में समाप्त हो गया था, किंतु कलयुग में राम मंदिर निर्माण का संघर्ष 500 वर्षों तक चला। जिसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण संभव हो पाया, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है।

वित्तमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार ने श्रीरामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत का वादा किया था और आज यह योजना श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा आशीर्वाद बन चुकी है। हमारी सरकार ने दोनों योजनाओं को शुरू कर वरिष्ठ नागरिकों के सपनों को साकार किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने गांवों में राम के आदर्शों और उनके चरित्र को जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा-राम भगवान केवल आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि मर्यादा और संस्कारों के प्रेरणास्रोत हैं। इस योजना से लौटे सभी श्रद्धालु वास्तव में हमारी संस्कृति के दूत हैं।

नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि हमारे माता-पिता हमें जन्म देकर पालते-पोसते हैं, शिक्षा दिलाकर हमें योग्य और सक्षम बनाते हैं। उनकी सबसे बड़ी आकांक्षा रहती है कि जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें सम्मान और सुरक्षा मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पहल से योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना से अब गरीब परिवारों के बुजुर्गों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में हमारे बुजुर्गों के सपनों को पूरा करने का कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने जिस तरह से वरिष्ठ नागरिकों की चिंता की है, उसके लिए मैं मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री की ओर से जनता की ओर से हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करता हूँ।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि इतनी बड़ी योजना हमारी सरकार के आने के बाद लागू हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राममंदिर निर्माण का सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है, उसी प्रकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। श्री अरुणधर दीवान ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि हम उन श्रद्धालुओं का अभिनंदन कर रहे हैं जो भगवान श्रीराम के साक्षात दर्शन करके लौटे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता हमेशा संस्कृति और आस्था के संरक्षण की रही है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री जितेंद्र यादव ने बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए आवास, भोजन और परिवहन की सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाती हैं। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता के लिए चिकित्सा सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रत्येक यात्री को एक विशेष पहचान पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि आगामी यात्राओं में शामिल होने के इच्छुक लोग जिला पंचायत कार्यालय और नगर निगम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक ग्रुप फोटोग्राफ लिया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को स्मृति स्वरूप रामचरितमानस की पुस्तक, शाल, श्रीफल एवं यात्रा की यादों को सहेजने हेतु उनके विशेष फोटोग्राफ भेंट किए गए।

जिले से 1206 श्रद्धालु कर चुके है दर्शन, सम्मेलन में साझा किए अपने अनुभव
श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखण्डों के 1206 श्रद्धालु जिनमें 745 पुरुष व 461 महिलाएँ अयोध्या, काशी सहित अन्य तीर्थो का दर्शन कर लौटे। श्रद्धालुओं ने सम्मेलन में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यात्रा उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण रहा। पुसौर निवासी खगेश्वर पटेल ने रामायण श्लोकों के साथ कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, वर्तमान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रयास से ही यह संभव हुआ। राजकुमारी साव ने भी यात्रा को सहज और सुखद बताते हुए कहा कि न जाने में कोई कठिनाई हुई और न लौटने में। उमेश सिंह सिदार ने कहा कि सरकार हमेशा से वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान के लिए कार्य करती रही है। यात्रा के दौरान भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा की व्यवस्थाएँ उत्कृष्ट रहीं। सावित्री भगत ने कहा कि अयोध्या दर्शन उनके जीवन का बड़ा सौभाग्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद, जिन्होंने हमें सहज और सुरक्षित यात्रा का अवसर दिया। स्वागत और व्यवस्थाएँ इतनी भव्य थीं कि पूरा अनुभव एक परिवार जैसा रहा। सुनील थवाईत ने बताया कि यात्रा में उनके साथ पुरानी बस्ती के 10-15 लोग भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि बिलासपुर पहुंचने पर भव्य अभिनंदन किया गया। प्रत्येक डिब्बे में स्वच्छ भोजन और साफ-सफाई की सुविधा रही। काशी के दर्शन के बाद अयोध्या में रामलला का दर्शन करना जीवन का सबसे बड़ा सुखद क्षण रहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here