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रायगढ़ में उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक- बचत भी, कमाई भी

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Consumers in Raigarh are becoming energy producers – saving and earning too

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही जिंदगी

Ro.No - 13672/156

बिजली का बिल हुआ अतीत, सूरज की रोशनी बनी आत्मनिर्भरता का जरिया

रायगढ़  / सूरज की किरणें अब केवल जीवनदायिनी शक्ति ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती का नया स्रोत भी बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक बना दिया है। रायगढ़ जिले में यह योजना सैकड़ों परिवारों के जीवन को नई रोशनी दे रही है। अब तक जिले में 300 से अधिक घरों की छत पर सौर पैनल लगाए जा चुके हैं। इस योजना का लाभ उठाने वाले परिवारों के अनुभव ही इसकी असली सफलता की कहानी बयां कर रही हैं।

लोहरसिंह गांव के ईश्वर प्रसाद नायक ने बताया कि 3 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाने के बाद अप्रैल में 267 यूनिट बिजली उत्पन्न हुई। उन्हें 577 रुपए की छूट मिली। मई में उनका पूरा उपभोग सौर ऊर्जा से पूरा हुआ और बिल शून्य हो गया। रायगढ़ के प्रदीप मिश्रा और प्रदीप पटेल ने बताया गया कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक राहत के साथ मानसिक शांति और आत्मनिर्भरता का अहसास भी कराया। हीरापुर कोतरा रोड के राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि जुलाई में उनके 3 किलोवॉट प्लांट से 507 यूनिट बिजली उत्पन्न हुई। उन्हें 4,178 रुपए की छूट मिली। वे अब अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर हर महीने हजारों रुपये की बचत कर रहे हैं।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। उपभोक्ता न केवल घरेलू जरूरतें पूरी कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर सकते हैं। विभागीय टीमें गांव-गांव जाकर नागरिकों को योजना का लाभ समझा रही हैं। यह योजना केवल सस्ती बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को बचत और अतिरिक्त कमाई का अवसर देती है। परिवारों को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करती है। पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देती है।

आकर्षक सब्सिडी और आसान प्रक्रिया
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 30 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 15 हजार रुपए सब्सिडी प्रदान करती है। 2 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 60 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। 3 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 78 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। शेष राशि उपभोक्ता स्वयं वहन करेंगे, जिसे बैंक ऋण सुविधा के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है। योजना का लाभ पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जा रहा है। उपभोक्ता pmsuryaghar.gov.in पोर्टल, पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप अथवा टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उपभोक्ता स्वयं ही ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से वेंडर का चयन कर सकते हैं।

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