
रायगढ़ । भारत सरकार अपनी आय के साधनों को बढ़ाने को लिए निरंतर प्रयासरत रहती है । सरकार का आयकर विभाग इस कवायद में लगा रहता है कि कर देने योग्य नागरिकों को , जो रिटर्न फाइल नहीं करते हैं उनको कर के दायरे में लाया जाए। साथ ही , यह बात भी देखने में आई है कि कई लोग आयकर के दायरे में तो आते हैं , रिटर्न भी फाइल करते हैं पर अपनी वास्तविक आय नहीं बताते हैं । ऐसे लोगों को वास्तविक आय के ऊपर रिटर्न फाइल करने के फायदों के बारे में बताया गया ।
यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स और आयकर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई । उसमें बहुत से व्यापारी बंधुओं ने भाग लिया । व्यापारियों ने आयकर विभाग के समक्ष अपने बहुमूल्य विचार और सुझाव रखे । विभाग ने मौके पर ही कई व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया और ऐसी समस्याएं जिनका ऑन द स्पॉट समाधान नहीं हो सकता था उनके बारे में में कहा गया कि ऐसी समस्याओं को उचित फोरम में रखा जाएगा और समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ चैंबर्स कॉमर्स के सुशील अग्रवाल ने इस कार्यशाला के लिए एम एम मीणा, मुख्य अतिथि बिलासपुर , आयकर उपायुक्त राहुल और स्थानीय आयकर अधिकारी सुजीत विश्वास को धन्यवाद दिया । सुशील अग्रवाल ने इस कार्यशाला को व्यापारी बंधुओं के लिए बहुत उपयोगी करार दिया । उन्होंने कहा कि हम टैक्स देकर ही बड़े आदमी बन सकते हैं , टैक्स चोरी कर बड़े आदमी नही बन सकते हैं । उन्होंने टैक्स के नियमों को सरलीकरण की वकालत की ताकि सभी लोग इसे आसानी से समझा सकें । उन्होंने रायगढ़ के इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने की सिफारिश की । उन्होंने चैंबर्स ऑफ कॉमर्स की ओर से आयकर विभाग को पूर्ण सहयोग देने की बात भी कही ।



