Eight cattle were rescued from a pickup that overturned on the Dhodhinar forest road; a case has been filed against those involved in the illegal transport.
रायगढ़ । पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश मरकाम तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के निर्देशन में लैलूंगा पुलिस न केवल अपराधों पर कार्रवाई कर रही है बल्कि संवेदनशीलता के साथ मानवीय दायित्व भी निभा रही है। इसका उदाहरण आज 16 नवंबर की सुबह तब देखने मिला, जब करीब 8.30 बजे ग्राम कोटवार बिरसिंघा ने थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को सूचना दी कि ढोढ़ीनार जंगल मेन रोड पर एक पिकअप वाहन पलट गया है।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गिरधारी साव टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे, जहां सफेद रंग की पिकअप क्रमांक JH 01 FR 4758 सड़क किनारे पलटी हुई दिखाई दी। वाहन हरी प्लास्टिक पन्नियों से ढका हुआ था। पन्नी हटाने पर पुलिस को भीतर 8 गौवंश अत्यंत दयनीय स्थिति में, भूखे-प्यासे और ठूसकर भरे हुए मिले, जिनकी हालत देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी चिंतित हो उठे।
टीम ने बिना समय गंवाए गांव वालों की मदद से सभी गौवंशों को सुरक्षित बाहर निकाला, पानी पिलाया और प्राथमिक देखभाल सुनिश्चित की। पुलिस की यह संवेदनशील कार्रवाई वहां मौजूद ग्रामीणों द्वारा भी सराही गई।
प्राथमिक जांच में पता चला कि अज्ञात आरोपी पिकअप में गौवंशों को क्रूरता पूर्वक ठूसकर अवैध परिवहन कर रहा था। बरामद सभी गौवंशों को सुरक्षित रखने के लिए ग्राम पंचायत बिरसिंघा के गोठान में सुपुर्द किया गया है। वहीं वाहन चालक सहित संबंधित आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 296/2025 धारा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर पिकअप को थाना परिसर में जप्त कर लिया गया है।
लैलूंगा पुलिस की यह तत्पर व मानवीय कार्यवाही न केवल कानून का पालन कराती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि संवेदनशील परिस्थितियों में पुलिस किस प्रकार जीवन बचाने और पीड़ा को कम करने में अग्रसर रहती है।



