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स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए केंद्र के समक्ष रखी पृथक अस्पताल स्थापित करने की माँग

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Health Minister Shyam Bihari Jaiswal has put forth a demand before the central government to establish separate hospitals for eight medical colleges.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने की प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा

Ro.No - 13759/40

तेज़ सुधारों की राह पर छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य क्षेत्र, ‘मिशन मोड’ में TB मुक्त भारत करने निर्देश

रायपुर / स्वास्थ्य सेवाओं में तेज़ और प्रभावी सुधार की दिशा में केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने बैठक में राज्यों को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि “टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाएगा तथा जनभागीदारी आधारित मॉडल से स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ किया जाएगा।”

बैठक के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सचिव स्वास्थ्य श्री अमित कटारिया, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री रणबीर शर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री नड्डा ने दवा विनियमन को कड़ा करने, निदान सुविधाओं का विस्तार करने, टेलीमेडिसिन व रोगी-केंद्रित देखभाल को बढ़ावा देने तथा जनभागीदारी को व्यापक रूप से सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में स्वास्थ्य परामर्श अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से औषधि प्रबंधन, निदान सेवाओं और जनस्वास्थ्य पहलों को नई दिशा मिलेगी और इनका प्रभाव सीधे नागरिकों तक पहुँचेगा।

केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि राज्यों के सभी रक्तकोष निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें तथा उनकी नियमित निगरानी व निरीक्षण को कठोर बनाया जाए। नि:शुल्क औषधि एवं निदान योजना के अंतर्गत अधिकतम जनसंख्या को लाभान्वित करने, खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम को प्राथमिकता देने और खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्यों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने और उनके माध्यम से क्षय रोगियों के लिए पोषण एवं खाद्य सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। श्री नड्डा ने कहा कि जोखिमग्रस्त आबादी में एक्स-रे आधारित जाँच को तीव्र गति से पूर्ण कर समयबद्ध निदान सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं सभी जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेवाएँ संचालित कर कैंसर उपचार को सुदृढ़ किया जाएगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि मातृ मृत्यु दर (MMR), शिशु मृत्यु दर (IMR) एवं नवजात मृत्यु दर (NMR) में कमी लाने हेतु निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए, जबकि गैर-संचारी रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य आधारित तरीके से पूरी की जाए। इसी क्रम में कुष्ठ नियंत्रण के लिए प्रत्येक तिमाही सक्रिय रोगी खोज अभियान, MMR और IMR पर उन्मुखीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि TB कार्यक्रम को मज़बूत करने के लिए 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें राज्यों को उपलब्ध कराई जाएँगी। बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए पृथक अस्पताल स्थापित करने की माँग भी केंद्र के समक्ष रखी गई । श्री नड्डा ने छत्तीसगढ़ की प्रगति की सराहना करते हुए मानव संसाधन में अतिरिक्त सहयोग हेतु केंद्र के सहयोग का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) प्रणाली ट्रस्ट मॉडल पर संचालित होती रहेगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से खाद्य एवं औषधि नमूनों की जाँच बढ़ाई जाएगी और खाद्य सुरक्षा क्षमता विस्तार हेतु राज्य आवश्यक स्थान उपलब्ध कराएँगे, जिसके लिए केंद्र वित्तीय मदद प्रदान करेगा।

विस्तृत चर्चा के पश्चात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “केंद्र और राज्य की साझेदारी ही स्वास्थ्य सुधारों की आधारशिला है। हमारा लक्ष्य केवल सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि परिणामों पर केंद्रित बदलाव है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे।”

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