उत्तर बस्तर कांकेर, 12 मार्च 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। बिहान कार्यक्रम के तहत महिलाएं न सिर्फ सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ खुद का मुकाम स्थापित भी कर ली हैं।
जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम जनकपुर की रहने वाली श्रीमती लक्ष्मी बिश्वास आज आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई हैं। वे जय माता दी स्वसहायता समूह की सदस्य हैं तथा जनकपुर महिला ग्राम संगठन से जुड़ी हुई हैं। श्रीमती लक्ष्मी बताती हैं कि पहले वे एक निजी स्कूल में पढ़ाती थीं, जहां उन्हें मात्र 2000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था। इतनी कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना काफी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान वर्ष 2017 में वे बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जुड़ीं और स्व-सहायता समूह के माध्यम से आगे बढ़ने का संकल्प लिया। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने ऋण लेकर अपने खेत में बोरिंग करवाया, जिससे खेती में सुधार हुआ और उत्पादन भी बढ़ा। साथ ही सिलाई सेंटर भी शुरू किया, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का निश्चित स्रोत मिला। अपनी मेहनत और लगन के बल पर आज उनकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत हो चुकी है और वे सालाना 3 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। श्रीमती लक्ष्मी के बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं और परिवार का जीवन स्तर भी पहले से काफी बेहतर हुआ है। इतना ही नहीं, उन्हें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है, जिससे परिवार को आर्थिक संबल मिला है।
लक्ष्मी बिश्वास इसका श्रेय बिहान कार्यक्रम और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। उनकी यह कामयाबी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिले तो शासन के सहयोग और खुद की मेहनत व लगन के दम पर हर महिला आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती है।



