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कांकेर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूलों में एफएलएस आकलन आयोजित, कक्षा पहली से तीसरी तक बच्चों की दक्षता जांच

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दसपुर। कांकेर विकासखंड के प्राथमिक शालाओं में कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों की बुनियादी दक्षता का मूल्यांकन करने के लिए अंतर संकुल एफएलएस (फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी) आकलन का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में संकुल केंद्र सिंगारभाट-1 अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और सीखने की क्षमता की जांच की गई।

जानकारी के अनुसार संकुल केंद्र सिंगारभाट-1 के अंतर्गत प्राथमिक शाला व्यास कोंगेरा, प्राथमिक शाला फरसीपारा और प्राथमिक शाला बोरगांव में कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों का एफएलएस आकलन किया गया। इस आकलन का उद्देश्य बच्चों की भाषा, पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी समझ को परखना तथा उनकी सीखने की स्थिति का आकलन करना रहा।

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यह आकलन संकुल केंद्र कंकालीनपारा कांकेर के संकुल समन्वयक कमलेश साहू के नेतृत्व में किया गया। आकलन प्रक्रिया में मेंटर शिक्षक सुरेन्द्र कुमार सिन्हा सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला अघननगर तथा पीएलसी टीम के सदस्य भी शामिल रहे। टीम के सदस्यों ने विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों से विभिन्न गतिविधियों और प्रश्नों के माध्यम से उनकी बुनियादी शैक्षणिक क्षमता का परीक्षण किया।

आकलन दल में माध्यमिक शाला लट्टीपारा के शिक्षक लाकेश साहू, कन्या पूर्व माध्यमिक शाला कांकेर की शिक्षिका नम्रता देवांगन तथा प्राथमिक शाला बालक जनकपुर वार्ड के सहायक शिक्षक धनेश्वर साहू भी शामिल रहे। टीम के सदस्यों ने विद्यार्थियों के पढ़ने, लिखने और गणितीय कौशल का निरीक्षण करते हुए उनकी समझ के स्तर का मूल्यांकन किया।

इस दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को उत्साहपूर्वक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ आकलन प्रक्रिया में भाग लिया और विभिन्न प्रश्नों तथा गतिविधियों का उत्तर देकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

शिक्षा विभाग के अनुसार एफएलएस आकलन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रारंभिक कक्षाओं के सभी बच्चे भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं को सही तरीके से समझ सकें। इसके माध्यम से यह भी पता लगाया जाता है कि किन विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता है, ताकि उन्हें समय पर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जा सके।

शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के आकलन से विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति का पता चलता है और उसके आधार पर आगे की शिक्षण योजना तैयार करने में भी मदद मिलती है। इससे बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने और उन्हें बेहतर सीखने का अवसर देने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।

विद्यालयों में आयोजित इस आकलन कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और आकलन दल के सदस्यों ने शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाना ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है, इसलिए बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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