प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी। मस्तूरी में मातृ शक्ति महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की किए।
आज सुबह से ही सुहागिनें मातृशक्ति महिलाओं द्वारा अनेक वट वृक्षों के समक्ष पहुंचकर विधि-विधान से पूजा अर्चना किए मातृशक्ति महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर अपने वैवाहिक जीवन में खुशियों और अपने पति के लिए अखंड सौभाग्य की कामना किए।
ऐसी मान्यता है कि यह व्रत वैवाहिक जीवन में अपार खुशियां लाता है और परिवार के सदस्यों को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देता है। इस व्रत का महत्व करवा चौथ के व्रत के समान ही माना जाता है।
यह पर्व प्राचीन पर्व सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा है। कथा के अनुसार, अश्वसेन की पुत्री सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा के लिए वट वृक्ष के नीचे बैठकर यमराज की आराधना की थी।
उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर यमराज ने सत्यवान के प्राण लौटा दिए थे। यमराज ने सावित्री को वरदान दिया था कि जो भी सुहागिन महिलाएं सच्ची निष्ठा से यह व्रत करेंगी, उनके पति दीर्घायु होंगे। तभी से यह व्रत की परंपरा चली आ रही है।
वट वृक्ष की पूजन में मालती अवस्थी, कमलेश अवस्थी, श्वेता अवस्थी, अवनी अवस्थी, ऋतू अवस्थी,ज्योति तिवारी, कविता शुक्ला, प्रीति शुक्ला,कामना पांडेय, पूनम पाण्डेय, ममता पांडेय,मीना श्रीवास, राजकुमारी श्रीवास, सुशीला यादव, तथा अन्य मातृ शक्तिया उपस्थित थे।



