देश में NEET री-एग्जाम होने तक टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर लगा अस्थायी प्रतिबंध जारी रहेगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टेलीग्राम की केंद्र सरकार के बैन के खिलाफ लगाई याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस तेजस कारिया ने कहा, ‘ सरकार के पास आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत बैन लगाने का अधिकार है।’
कोर्ट ने कहा, ‘इस मामले पर कोर्ट की रिव्यू कमेटी ने भी सरकार के फैसले की जांच की थी। सरकार ने पूरी समझदारी से काम लिया है, इसमें किसी तरह की जल्दबाजी या लापरवाही नहीं दिखती।’
केंद्र सरकार ने 16 जून को NEET री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी बैन लगा दिया था। इसके बाद टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। गुरुवार को मामले की सुनवाई पूरी हुई और कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
टेलीग्राम पर पहले भी लगते रहें आरोप
टेलीग्राम पर पहले भी कई बार पेपर लीक और फर्जी पेपर सर्कुलेट होने के आरोप लगते रहे हैं. यहां तक की कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि जालसाज और साइबर ठगी को अंजाद देने वाले भी इस प्लेटफॉर्म का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करते हैं.
फैसले से पहले टेलीग्राम से बातचीत हो चुकी है
सॉलिसिटर जनरल की तरफ से कोर्ट में बताया जा चुका है कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार की तरफ से बताया जा चुका है कि इस मामले की सुनवाई एक कमेटी ने की थी, जिसकी अगुवाई कैबिनेट सचिव ने की है.
टेलीग्राम के फीचर्स ही उसको बैन करने की वजह
टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर ढेर सारे ऐसे फीचर्स हैं, जिसकी वजह से टेलीग्राम को अस्थाई प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है. टेलीग्राम के एक ग्रुप में 2 लाख मेंबर्स तक को शामिल किया जा सकता है. ऐप पर हैवी फाइल्स को सेव किया जा सकता है. यहां बिना मोबाइल नंबर के भी अकाउंट बनाया जा सकता है



