उत्तर बस्तर कांकेर स्वापक औषधि मनोप्रभावी पदार्थों (एनडीपीएस) के अनधिकृत व्यवसाय पर प्रभावी नियंत्रण (एनसीओआरडी) हेतु गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में आज दोपहर को आयोजित की गई, जिसमें एक्ट के तहत् पंजीबद्ध प्रकरणों की संख्यात्मक जानकारी दी गई। बैठक में कलेक्टर ने ऐसे प्रकरणों के विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
टीएल मीटिंग के उपरांत आयोजित बैठक में कलेक्टर ने एनसीओआरडी तथा कोटपा एक्ट के तहत पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों को भी सतत् कार्यवाही करने के निर्देश दिए, जिससे कम उम्र के किशोरों में नशे की लत न लगने पाए। साथ ही नशे के कारोबार में संलिप्त व्यवसायियों के विरूद्ध भी सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देशित किया। डीएसपी सुश्री विंकेश्वरी पिंदे ने उक्त एक्ट के तहत जिले में अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 24 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 21 प्रकरण गांजा तथा 03 अन्य नशीली दवाओं के विरूद्ध कार्यवाही करके 36 आरोपियों के विरूद्ध अपराध कायम दर्ज किया गया है।
इन जब्त किए गए मादक द्रव्यों में से गांजे की कीमत 81 लाख 43 हजार 650 रूपए तथा अन्य नशीली प्रतिबंधित दवाओं की कीमत 21 हजार 618 रूपए है। उन्होंने यह भी बताया कि जब्त किए गए नशीले पदार्थों का विनष्टीकरण की कार्यवाही जिला न्यायालय के निर्देशानुसार की जाएगी। डीएसपी ने यह भी बताया कि पुलिस विभाग द्वारा कोटपा एक्ट के तहत जिले में अब तक 611 प्रकरण दर्ज कर 01 लाख 21 हजार 200 रूपए की चालानी कार्यवाही की गई है। इसी तरह जिला पुलिस द्वारा विभागीय कर्मचारियों को नशामुक्त करने की दिशा में प्रोजेक्ट करूणा चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक इस वर्ष 20 कर्मचारियों को नशामुक्त कराया जा चुका है। बैठक में यह भी बताया गया कि मादक पदार्थों की खरीदी-बिक्री एवं तस्करी की रोकथाम एवं जनजागरूकता के लिए पुलिस विभाग द्वारा उजियारा अभियान, चलित थाना, लघु नाटिका, सामुदायिक पुलिसिंग तथा सोशल मीडिया के माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
जिला सड़क सुरक्षा समिति की ब्लैक स्पॉट से अवगत कराया गया
इस दौरान जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की भी बैठक कलेक्टर श्री क्षीरसागर की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले में 01 जनवरी 2026 से 30 जून तक सड़क दुर्घटना के कुल 214 प्रकरण दर्ज हुए हैं, जिनमें 150 लोगों की मृत्यु तथा 203 घायल हुए हैं। वहीं इस वर्ष ‘हिट एंड रन’ के 12 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से अधिकांश दुर्घटना नेशनल हाईवे पर घटित हुई है। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जनवरी 2026 से 30 जून तक 359 प्रकरण दर्ज कर 34 लाख 54 हजार 200 रूपए के अर्थदण्ड की वसूली विभाग द्वारा की गई है। साथ ही बैठक में ब्लैक स्पॉट, ग्रे स्पॉट, कांकेर शहर के भीतर तथा गांवों के दुर्घटना के दृष्टिकोण से संवेदनशील जगहों की जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने निर्माणाधीन पुल-पुलियों व सड़कांे को जल्द पूर्ण करने व राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर आवश्यकतानुसार कार्यवाही करने के लिए संबंधित अधिकारी को तथा हाईमास्ट लाइट स्थापित करने के लिए क्रेडा विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। साथ ही शहर के भीतर यातायात व्यवस्था सुव्यवस्थित और सुचारू करने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी को दिए।



