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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदनों का 30 अगस्त तक करें निराकरण

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छात्रवृत्ति प्रक्रिया में तेजी लाने सहायक आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक, आधार सीडिंग सक्रिय होने पर ही स्वीकृत होंगे आवेदन

रायगढ़, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वर्ष 2026-27 की प्रगति एवं छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया की समीक्षा को लेकर आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री श्रीकांत दुबे द्वारा की गई। बैठक में जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं छात्रवृत्ति प्रभारी उपस्थित रहे। इस दौरान नवीन एवं नवीनीकरण छात्रवृत्ति आवेदनों के निराकरण, दस्तावेज सत्यापन, आधार सीडिंग, बैंक खातों की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों सहित छात्रवृत्ति प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

30 अगस्त तक स्वीकृति और 18 सितंबर तक भुगतान का लक्ष्य

समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया गया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वर्ष 2026-27 के नवीन एवं नवीनीकरण आवेदनों को 30 अगस्त 2026 तक स्वीकृत किया जाना है, ताकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि 18 सितंबर 2026 तक अंतरित की जा सके। जिले में छात्रवृत्ति के कम आवेदन प्राप्त होने के संबंध में शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों तथा छात्रवृत्ति प्रभारियों से जानकारी ली गई। महाविद्यालयों द्वारा बताया गया कि कई संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है तथा 14 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।

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इसके बाद छात्रवृत्ति के पात्र विद्यार्थियों द्वारा आवेदन किए जाने की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। बैठक में बताया गया कि विगत वर्ष जिले में कुल 13,474 छात्रवृत्ति आवेदन स्वीकृति के लिए अपेक्षित थे, जबकि वर्तमान वर्ष में अभी तक शासकीय महाविद्यालयों से 23 तथा अशासकीय महाविद्यालयों से 391 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सहायक आयुक्त ने प्राप्त आवेदनों के आवश्यक दस्तावेज तत्काल मंगाकर उनका परीक्षण एवं नियमानुसार स्वीकृति की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

लंबित ऑडिट आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश

बैठक में वर्ष 2017-18 से वर्ष 2021 तक लंबित ऑडिट कंडिकाओं की भी समीक्षा की गई। जिन महाविद्यालयों से संबंधित विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति प्रकरणों में आपत्तियां लंबित हैं, उनका शीघ्र निराकरण कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों एवं महाविद्यालय प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित आपत्तियों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो और संबंधित विद्यार्थियों के प्रकरणों को आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी प्राप्त कर जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए। छात्रवृत्ति से जुड़े पुराने लंबित प्रकरणों के निराकरण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।

बैंक खाता बंद या आधार सीडिंग नहीं होने से लंबित 61 प्रकरणों का होगा निराकरण

समीक्षा के दौरान ऐसे प्रकरणों पर भी चर्चा की गई, जिनमें विद्यार्थियों के बैंक खाते बंद होने, बैंक खाते से आधार लिंक अथवा आधार सीडिंग नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति की राशि अंतरित नहीं हो सकी है। वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक ऐसे कुल 61 आवेदन लंबित पाए गए। सहायक आयुक्त ने संबंधित महाविद्यालयों को इन विद्यार्थियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उनके बैंक खाते चालू कराने तथा बैंक खाते में आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि पात्र विद्यार्थियों को लंबित छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त हो सके। साथ ही वर्ष 2026-27 में प्राप्त छात्रवृत्ति आवेदनों का संस्था स्तर पर समयबद्ध सत्यापन करने तथा केवल आधार सीडिंग सक्रिय वाले पात्र विद्यार्थियों के आवेदनों को ही स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए गए। अस्थायी प्रवेश वाले विद्यार्थियों के आवेदन स्वीकृत नहीं करने के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए गए।

सहायक आयुक्त ने सभी महाविद्यालयों को पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का सत्यापन एवं स्वीकृति कार्य तीन दिवस के भीतर पूरा करने को कहा। उन्होंने छात्रवृत्ति प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं करने और पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए महाविद्यालय स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं छात्रवृत्ति प्रभारी उपस्थित रहे। आदिवासी विकास विभाग की ओर से श्रीमती धनेश्वरी सिदार, क्षेत्र संयोजक एवं छात्रवृत्ति प्रभारी तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री राजेश डनसेना उपस्थित थे।

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