प्रमोद अवस्थी, मस्तूरी
मस्तुरी।मस्तूरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रधानमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत करीब 42 लाख रुपये की लागत से बन रहा लैब भवन निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। सी.जी.एम.एस.सी. विभाग द्वारा ठेकेदार अनूप चौधरी को भवन निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
निर्माण कार्य की धीमी गति का खामियाजा स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी भुगतना पड़ रहा है। निर्माण स्थल के कारण अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और मरीजों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की निगरानी में भी लापरवाही बरती गई। मौके पर इंजीनियर की नियमित मौजूदगी नहीं होने के कारण निर्माण की गुणवत्ता पर निगरानी कमजोर रही। ऐसे में निर्माण कार्य में मनमानी को बढ़ावा मिलने की बात सामने आ रही है।
सूचना फलक तक नहीं लगाया गया
नियमों के अनुसार निर्माण स्थल पर कार्य की लागत, एजेंसी, ठेकेदार और निर्माण अवधि सहित आवश्यक जानकारी वाला सूचना फलक लगाया जाना चाहिए, लेकिन यहां आज तक सूचना फलक बोर्ड नजर नहीं आ रहा है। वहीं, भवन का काम पूरा होकर हैंडओवर होने से पहले ही दीवारों में सीपेज जैसी समस्या दिखाई देने लगी है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बीएमओ डा अनिल कुमार से जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि हैंड ओवर करने के लिए कई बार ठेकेदार को फोन लगाया गया लेकिन उन्होंने आज तक भवन हैंड ओवर नहीं किया जिससे हमारे विभाग के कर्मचारी तथा आम नागरिकों को भारी असुविधा होती है।
एसडीओ अमोल (cgmsc) से फोन द्वारा जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि मैं वहा जाकर निरीक्षण करूंगा अगर कुछ गड़बड़ी या कमी होगी उसका निराकरण करने के पश्चात ही भवन को हैंडोवर करेंगे।




