तुरसानी की ललिता धु्रव का संकल्प, बेटियां पढ़ेंगी, आत्मनिर्भर बनेंगी और गांव का नाम रोशन करेंगी
उत्तर बस्तर कांकेर, कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहे कोयलीबेड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम तुरसानी में अब बदलाव की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। जहां कभी नक्सलवाद से भय के कारण शिक्षा एवं विकास के अवसर सीमित थे, वहीं आज शासन की योजनाओं और विकास कार्यों की पहुंच से ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है। इसी बदलते परिवेश में ग्राम तुरसानी की श्रीमती ललिता धु्रव अपने बेटियों के बेहतर भविष्य का सपना संजोए आगे बढ़ रही हैं।
श्रीमती ललिता धु्रव बताती हैं कि नक्सल प्रभावित परिस्थितियों के कारण उन्हें स्वयं आगे पढ़ने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाया। यही वजह है कि अब वे अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेकर चल रही हैं। उनके परिवार में कुल आठ सदस्य हैं और उनकी चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी कक्षा आठवीं, दूसरी बेटी कक्षा तीसरी और तीसरी बेटी कक्षा पहली में अध्ययनरत है। वहीं सबसे छोटी बेटी करीब साढ़े तीन वर्ष की है, जो आंगनबाड़ी केंद्र में शिक्षा प्राप्त कर रही है।
ललिता धु्रव अपनी बेटियों को पढ़ा-लिखाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना चाहती हैं। उनका सपना है कि उनकी बेटियां भविष्य में नर्स और शिक्षिका बनें। वे कहती हैं कि बेटियों की अच्छी शिक्षा ही परिवार और समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। जिस क्षेत्र में कभी भय और असुरक्षा के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती थी, वहां आज अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बड़े सपने देख रहे हैं। ललिता ध्ुा्रव ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग देती है। इस राशि का उपयोग वे घर के राशन-सामान, बच्चों की छोटी-छोटी आवश्यकताओं और कपड़ों आदि की जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। उनके लिए यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक संबल भी है। नियमित आर्थिक सहायता से परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिल रही है और वे अपनी बेटियों की पढ़ाई एवं भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त महसूस करती हैं।
श्रीमती ललिता धु्रव कहती हैं कि आज उनके गांव और क्षेत्र में परिस्थितियां पहले की तुलना में बेहतर हो रही हैं। विकास की गतिविधियां बढ़ रही हैं और बच्चों को शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। ऐसे में उनके मन में भी अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने का विश्वास मजबूत हुआ है। वे चाहती हैं कि उनकी चारों बेटियां खूब पढ़ें, अपने सपनों को साकार करें और आत्मनिर्भर बनें। श्रीमती ललिता धु्रव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “विष्णु भैया धन्यवाद। आपकी सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना से मिल रही सहायता हमारे परिवार के लिए बहुत उपयोगी है। इससे बच्चों की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है और बेटियों के बेहतर भविष्य का सपना और मजबूत हुआ है।”



