मनेंद्रगढ़। शिक्षक दिवस के अवसर पर मनेंद्रगढ़ में पहली बार साहित्य, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के संगम के साथ ‘साहित्य शिरोमणि’ साहित्यिक पहल का गरिमामय शुभारंभ यूनिवर्सल विद्यालय में हुआ। जिलेभर के साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकारों और कलमकारों के साहित्यिक योगदान का सम्मान करना तथा नई पीढ़ी को साहित्य के प्रति प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार गंगा प्रसाद मिश्र, समालिया प्रसाद सराफ एवं राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ‘दादू भाई’ को ‘साहित्य शिरोमणि’ सम्मान से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि साहित्य केवल शब्दों का संसार नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने, संवेदनाओं को जगाने और संस्कृति व राष्ट्रभावना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं विशिष्ट साहित्यकार श्रवण उर्मलिया ने ‘साहित्य शिरोमणि’ पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि वरिष्ठ साहित्यकारों की रचनाएं आज भी समाज के लिए प्रकाश-पुंज का कार्य कर रही हैं।
इस अवसर पर गीता प्रसाद नेमा, अनीता सिंह, संध्या रामावत, बिनोद तिवारी, सतीश द्विवेदी, जगदीश पाठक, अनामिका चक्रवर्ती, अनिल जैन, नारायण तिवारी, सतीश उपाध्याय, वीरेंद्र श्रीवास्तव, नीलू सिंह एवं मृत्युंजय सोनी सहित अनेक साहित्यकारों ने कविता, व्यंग्य एवं विविध रचनाओं की प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण साहित्यिक रस से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में संस्था के विस्तार एवं प्रबंधन को नई दिशा देते हुए जगदीश पाठक एवं मृत्युंजय सोनी को संरक्षक सदस्य, शैलेश जैन को कार्यकारी अध्यक्ष तथा नेहा चक्रवर्ती को सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम में साहित्यकार नरेंद्र सिंह अरोड़ा, यूनिवर्सल विद्यालय के संस्थापक राजकुमार पाण्डेय, शैलेश जैन, संतोष जैन, मधु जैन एवं मंच संचालक राजेश जैन बुंदेली सहित साहित्य जगत से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे।



