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25 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थापना का आरोप, किसानों से दुर्व्यवहार और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की शिकायत

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रिपोर्टर सतीश शुक्ला लैलूंगा

जनपद सदस्य सदानंद निषाद ने प्रभारी मंत्री से की कार्रवाई की मांग, जल संसाधन विभाग के लैलूंगा उपसंभाग के एसडीओ की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

लैलूंगा/रायगढ़। लैलूंगा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। जनपद पंचायत लैलूंगा क्षेत्र क्रमांक-7 राजपुर के जनपद सदस्य सदानंद निषाद ने जल संसाधन विभाग के लैलूंगा उपसंभाग में पदस्थ एसडीओ को लेकर गंभीर शिकायत प्रभारी मंत्री के समक्ष रखी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारी लंबे समय से, करीब 25 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं तथा उनके कार्यकाल में किसानों और आम नागरिकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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जनपद सदस्य सदानंद निषाद का आरोप है कि सिंचाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर जब किसान विभागीय अधिकारी के पास पहुंचते हैं तो उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने अधिकारी के व्यवहार को लेकर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसानों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया जाता है। इसके साथ ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई जाने वाली समस्याओं और सुझावों की भी कथित रूप से अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया गया है।

किसानों की समस्याओं को लेकर जताई चिंता

लैलूंगा क्षेत्र कृषि और सिंचाई व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में जलाशयों, नहरों और सिंचाई संरचनाओं से संबंधित कार्य जल संसाधन विभाग के माध्यम से संचालित होते हैं। ऐसे में किसानों की शिकायतों का समय पर निराकरण होना महत्वपूर्ण माना जाता है। जनपद सदस्य ने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

गौरतलब है कि लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में जल संसाधन से जुड़े मुद्दे पहले भी विधानसभा में उठ चुके हैं। जुलाई 2025 में विधानसभा में खम्हारपाकुट जलाशय के नहर संबंधी कार्यों को लेकर प्रश्न उठाया गया था, जिसमें निर्माण की गुणवत्ता और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी से जुड़े मुद्दे है

स्थानांतरण और जांच की मांग

जनपद सदस्य सदानंद निषाद ने प्रभारी मंत्री के समक्ष शिकायत रखते हुए संबंधित अधिकारी की लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापना की जांच कराने तथा उनकी कार्यप्रणाली की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने किसानों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को प्राथमिकता से सुनने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग रखी है।

उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में अधिकारियों की जवाबदेही जनता के प्रति होनी चाहिए और किसानों को अपनी सिंचाई संबंधी समस्याओं के लिए अनावश्यक परेशान नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
शिकायत के आरोपों की जांच जरूरी

इस मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता जनपद सदस्य के कथन पर आधारित हैं। संबंधित एसडीओ अथवा जल संसाधन विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों की विभागीय जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर तथ्यात्मक परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में जनपद सदस्य सदानंद निषाद द्वारा लैलूंगा क्षेत्र की विभिन्न विकास संबंधी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष उठाया गया है। अगस्त 2026 में जनदर्शन के दौरान भी उन्होंने ग्राम पंचायत बगुडेगा के लखनपारा मार्ग में निर्मित पुलिया की गुणवत्ता को लेकर शिकायत प्रस्तुत की थी।

अब देखने वाली बात होगी कि प्रभारी मंत्री और जल संसाधन विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और लंबे समय से पदस्थ अधिकारी को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर पर कराई जाती है।

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