मस्तूरी। कृषि उप संचालक बिलासपुर के निर्देश पर मस्तूरी क्षेत्र में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक की गुणवत्ता जांच को लेकर औचक निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से उर्वरक विक्रेताओं और संबंधित कंपनियों में हलचल देखने को मिली है। विभाग का कहना है कि कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक उर्वरक उपलब्ध कराना है।
जानकारी के अनुसार मस्तूरी के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सह उर्वरक निरीक्षक श्री ए.के. आहिरे द्वारा सेवा सहकारी समितियों में भंडारित उर्वरकों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान धुर्वाकारी, चिल्हाटी और लोहर्सी स्थित समितियों में रखे एसएसपी एवं म्यूरेट ऑफ पोटाश के सैंपल लिए गए। कुल चार नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला रायपुर भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है।
कृषि विभाग के अनुसार इससे पहले भी विभिन्न उर्वरकों के नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। जांच में अमानक पाए गए उर्वरकों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई भी की गई है। विभाग द्वारा समय-समय पर किए जा रहे औचक निरीक्षण से समितियों एवं उर्वरक विक्रेताओं में गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बढ़ी है।
किसानों का कहना है कि खाद की गुणवत्ता की नियमित जांच होने से उन्हें मानक उर्वरक मिलने की उम्मीद बढ़ती है। वहीं, यदि किसी कंपनी या विक्रेता का उर्वरक जांच में अमानक पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होने से किसानों के हितों की रक्षा हो सकती है।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारीयो द्वारा उर्वरक की गुणवत्ता को लेकर खाद निर्माता कंपनी श्री गणपति फर्टिलाइजर, इंडियन पोटाश लिमिटेड कृष्णा फ़ासकेन इंडोरामा कंपनी पर कार्यवाही किया गया तथा आगे भी निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी।



