माननीय विशेष न्यायाधीश (NIA) भानुप्रतापपुर श्री दीपक के. गुप्ता के न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष
के सश्रम कारावास एवं ₹2,000-₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
अपर लोक अभियोजक श्रीमती सीमा तिवारी द्वारा प्रकरण में की गई प्रभावी पैरवी ।
घटना का संक्षिप्त विवरण
◽ दिनांक 28.10.2023 को थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्रांतर्गत बीएसएफ एवं डीआरजी का संयुक्त बल बीएसएफ कैंप चिलपरस से नक्सल गश्त एवं सर्चिंग पर रवाना हुआ था। इसी दौरान चिलपरस नयापारा पहाड़ी जंगल के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति भागने लगे, जिन्हें सुरक्षा बल द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया।
◽ पूछताछ में आरोपियों द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन में पिछले लगभग तीन वर्षों से जनमिलिशिया सदस्य के रूप में कार्य करना बताया गया। इस संबंध में थाना कोयलीबेड़ा में अपराध क्रमांक 20/2023, धारा 120(बी) भादवि, धारा 3, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा धारा 38(2), 39(2) विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना एवं अभियोजन
◽ विवेचना के दौरान आरोपियों की संलिप्तता से संबंधित साक्ष्य संकलित किए गए तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के पश्चात आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय में साक्षियों के कथनों एवं अन्य साक्ष्यों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।
दोषसिद्ध आरोपी
1. सानू कोमरा, पिता दुखराम कोमरा, उम्र 23 वर्ष।
2. अर्जुन कुमार साहू, पिता शोभाराम साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी–बेडापारा आलपरस, थाना कोयलीबेड़ा, जिला उत्तर बस्तर कांकेर।
न्यायालयीन निर्णय
माननीय विशेष न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का मूल्यांकन करते हुए दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराया गया तथा प्रत्येक आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
पुलिस टीम
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अमर सिदार अंतागढ़,उप निरीक्षक श्रवण कुलदीप, प्रधान आरक्षक भागवत तेता, आरक्षक राहुल टांडिया, आरक्षक टिकेश्वर यादव, आरक्षक सूरज नरेटी
कांकेर पुलिस द्वारा गंभीर प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के संकलन एवं न्यायालय में प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने हेतु निरंतर कार्रवाई की जा रही है।



