
कांकेर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में आज शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल, कोमल देव, कांकेर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रंगोली प्रतियोगिता एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन अध्यक्ष एवं चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पताल अधीक्षक डॉ. विमल चंद्र भगत तथा प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के. के. ध्रुव के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला सलाहकार डॉ. योगेश प्रजापति एवं फेलो श्री प्रकाश राजपूत एवं श्री विक्की कोमल पटेल की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में शासकीय जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर, कांकेर एवं कालेन्दरी नर्सिंग कॉलेज, कांकेर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेष सहयोग प्रदान किया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार शासकीय जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर, कांकेर को प्राप्त हुआ।
इसी क्रम में कल्याणी नर्सिंग कॉलेज, कांकेर के विद्यार्थियों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति के माध्यम से मानसिक रोगों की पहचान, मानसिक स्वास्थ्य के महत्व तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री आशीष जैन, सीनियर साइकियाट्रिक नर्सिंग ऑफिसर; श्री उमाशंकर सोनकर, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट; सुश्री गार्गी वर्मा, काउंसलर; सुश्री डुमेश्वरी सिन्हा; सुश्री दीक्षा साहू एवं श्री योगेश ध्रुव का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर मेट्रोन सिस्टर पुष्पलाता कावाची मेट्रोन जिला अस्पताल कांकेर एवं शासकीय जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर, कांकेर की प्राचार्य श्रीमती सुशीला जैन सहित ट्रेनिंग सेंटर के स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। सभी प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा समाज में मानसिक बीमारियों से जुड़े भेदभाव और भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवन का अभिन्न अंग है। मानसिक परेशानी होने पर समय पर सहायता लेना आवश्यक है और मानसिक रोगों का उपचार संभव है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहकर जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाना चाहिए।



