Home Blog किसडा हत्याकांड में दो आरोपियों को आजीवन कारावास, अर्थदंड भी लगाया

किसडा हत्याकांड में दो आरोपियों को आजीवन कारावास, अर्थदंड भी लगाया

0
चौकी प्रभारी बेलादुला रहने के दौरान एएसआई भगवती प्रसाद कुर्रे द्वारा हत्या के प्रकरण में की गई उत्कृष्ट विवेचना से न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाया।

सरसीवां – पुलिस चौकी बेलादुला थाना सरसीवां के ग्राम किसडा में वर्ष 2022 में हुए डिकेश सिंह सिदार हत्याकांड में न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषसिद्ध आरोपी कौशल सिंह सिदार और देवसिंह सिदार उर्फ लाला को हत्या तथा साक्ष्य छिपाने के मामले में कारावास के साथ अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
हत्या के मामले में आजीवन कारावास

प्राप्त न्यायालयीन दस्तावेजों के अनुसार, न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों आरोपियों को दो-दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

Ro.No - 14097/148

इसी प्रकार, साक्ष्य छिपाने के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 201 सहपठित धारा 34 के तहत दोनों आरोपियों को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और 1-1 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उन्हें एक-एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

क्या था पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 5 अक्टूबर 2022 की रात करीब 12 बजे ग्राम किसडा में यह घटना हुई थी। आरोप था कि कौशल सिंह सिदार के घर में एकत्र आरोपियों ने शराब के नशे में डिकेश सिंह सिदार की हत्या कर दी।

अभियोजन के मुताबिक, घटना के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मृतक के हाथ-पैर बांधकर शव को 5 से 7 अक्टूबर 2022 के बीच ग्राम किसडा के तालाब में फेंक दिया गया था। तालाब में शव मिलने के बाद मामले की जांच शुरू हुई।

पुलिस ने जुटाए साक्ष्य, न्यायालय ने सुनाई सजा

मामले की विवेचना पुलिस चौकी बेलादुला के उपनिरीक्षक भगवती प्रसाद कुर्रे ने की। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और न्यायालय में प्रस्तुत अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराया गया। इसके बाद

न्यायालय ने दोनों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास तथा साक्ष्य छिपाने के मामले में दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here