जिले के सभी थानों में विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना, शांति, सुरक्षा और जनकल्याण की कामना
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक विजयदशमी (दशहरा) के पावन अवसर पर बीजापुर जिले की पुलिस लाइन और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक ने शस्त्रागार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जिले में सुख, समृद्धि, शांति और सुरक्षा की कामना की।
शस्त्र पूजा भारतीय परंपरा में शक्ति, साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक मानी जाती है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए पुलिस जवानों ने अपने शस्त्रों की पूजा की और जनसेवा, कर्तव्य के प्रति समर्पण तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संकल्प को दोहराया।
पुनर्वासित माओवादियों ने भी लिया भाग
आयोजन की विशेष बात यह रही कि पुलिस जवानों के साथ पुनर्वासित माओवादियों ने भी शस्त्र पूजा में सहभागिता की। यह पहल हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने, शांति स्थापित करने और सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देती है।
सभी थानों में संपन्न हुई शस्त्र पूजा
विजयदशमी के अवसर पर बीजापुर जिले के सभी थानों में भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शस्त्र पूजा संपन्न हुई। पुलिस जवानों ने पूजा-अर्चना कर जिले में शांति, सद्भाव, सुरक्षा और खुशहाली बनाए रखने की कामना की।
इस अवसर पर शौर्य, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता और जनसेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। विजयदशमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हुए पुलिस जवानों ने जनता की सुरक्षा और सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.



