Home Blog पटवारियों की हड़ताल का दसवां दिन, मांगें पूरी नहीं होने पर बढ़ी...

पटवारियों की हड़ताल का दसवां दिन, मांगें पूरी नहीं होने पर बढ़ी नाराजगी

0
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर दिया समर्थन, 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने पर किसानों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ की विभिन्न मांगों को लेकर जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को दसवें दिन भी जारी रही। पटवारियों की मांगों पर अब तक ठोस निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं, हड़ताल के चलते आम नागरिकों से जुड़े राजस्व एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने लगे हैं। आगामी 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है। ऐसे में यदि पटवारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

इसी क्रम में जिला बीजापुर में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को समर्थन देने फेडरेशन के जिला अध्यक्ष जाकिर खान एवं जिला सचिव कैलाश रामटेके धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पटवारियों की मांगों को जायज बताते हुए शासन से जल्द निराकरण करने की अपील की।

Ro.No - 14097/148

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पटवारी राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके हड़ताल पर रहने से किसानों और आम नागरिकों से जुड़े अनेक आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विशेष रूप से धान खरीदी की तैयारियों के बीच समस्या का समाधान जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर कई किसान आवश्यक प्रक्रियाओं में आने वाली बाधाओं के कारण धान बिक्री से वंचित हो सकते हैं।

जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र सहित कई कार्य प्रभावित

पटवारियों की हड़ताल के कारण जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक राजस्व प्रतिवेदन, नामांतरण, फौती, बंटवारा, सीमांकन और भूमि संबंधी अन्य कार्य प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। इन कार्यों के लंबित रहने से विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों को परेशानी हो सकती है। इसके अलावा निर्वाचन संबंधी कार्य, जनगणना, फसल कटाई प्रयोग तथा न्यायालयीन मामलों से जुड़े राजस्व प्रतिवेदनों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

पीवी मोबाइल एप की समस्याओं के निराकरण की मांग

राजस्व पटवारी संघ की प्रमुख मांगों में भौतिक सत्यापन (PV) मोबाइल एप की व्यवहारिक एवं तकनीकी समस्याओं का समाधान शामिल है। संघ का कहना है कि एप में मौजूद समस्याओं को दूर किए बिना इसके माध्यम से कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है।

संघ ने यह भी सवाल उठाया है कि जिन खसरों के नक्शे अथवा नक्शा बटांकन उपलब्ध नहीं हैं, उनका सही भौतिक सत्यापन किस आधार पर किया जा रहा है। संघ के अनुसार, भूमि एवं खसरों की वास्तविक पहचान के लिए राजस्व अभिलेखों, मैदानी परिस्थितियों और किसानों की उपस्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है। ऐसे में निजी सर्वेयरों के माध्यम से किए जा रहे सत्यापन की सटीकता पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

पटवारी संघ का कहना है कि यदि खसरों की लोकेशन और पॉलीगॉन में त्रुटियां रह जाती हैं, तो इसका असर आगे होने वाले डिजिटल क्रॉप सर्वे और फसल सत्यापन पर पड़ सकता है। इससे किसानों के भूमि एवं फसल संबंधी अभिलेखों और धान खरीदी की प्रक्रिया में समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है।

राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग

संघ की एक अन्य प्रमुख मांग राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया से जुड़ी है। पटवारी संघ की मांग है कि राजस्व निरीक्षक के पदों पर 50 प्रतिशत पद वरिष्ठता के आधार पर अनुभवी पटवारियों से तथा शेष 50 प्रतिशत पद विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरे जाएं। संघ का तर्क है कि पटवारियों को वर्षों के मैदानी अनुभव के आधार पर पदोन्नति का उचित अवसर मिलना चाहिए।

इसके साथ ही वेतन विसंगति दूर करने और हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर की जा रही दबावपूर्ण एवं दंडात्मक कार्यवाहियों पर रोक लगाने की मांग भी की जा रही है।

संचालक भू-अभिलेख से चर्चा के बाद भी नहीं निकला समाधान

संघ के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल की संचालक भू-अभिलेख के साथ मांगों को लेकर चर्चा हुई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इससे पटवारियों में असंतोष बना हुआ है।

राजस्व पटवारी संघ ने शासन से पीवी मोबाइल एप की समस्याओं का तकनीकी एवं व्यावहारिक समाधान करने, राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के उचित अवसर उपलब्ध कराने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग की है।

वहीं, बीजापुर में फेडरेशन के जिला अध्यक्ष जाकिर खान और जिला सचिव कैलाश रामटेके ने भी शासन से पटवारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। पटवारियों की हड़ताल जारी रहने से अब आगामी धान खरीदी व्यवस्था और आम जनता के जरूरी राजस्व कार्यों को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here