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प्रभु श्रीराम के जीवन से मिलती है संघर्ष और मर्यादा की प्रेरणा: वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी

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अयोध्या धाम और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत यात्रा करने वाले लगभग एक हजार वरिष्ठ नागरिकों का हुआ सम्मान
वित्त मंत्री ने रामचरित मानस पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंट कर किया सम्मानित
सुंदरकांड पाठ एवं सामूहिक हनुमान चालीसा का हुआ वाचन

रायगढ़, श्री रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत तीर्थयात्रा करने वाले जिले के लगभग एक हजार वरिष्ठ नागरिकों का आज संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में आयोजित विशेष समारोह में सम्मान किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने सभी वरिष्ठ नागरिकों को श्रीरामचरित मानस की पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे सुंदरकांड पाठ एवं सामूहिक हनुमान चालीसा के वाचन से हुई। वित्त मंत्री ने भगवान श्रीराम के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा रामायण आरती में शामिल हुए। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल, नगर निगम सभापति श्री डिग्री लाल साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि रायगढ़ जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। यह सौभाग्य की बात है कि राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं और भगवान श्रीराम का छत्तीसगढ़ से गहरा सांस्कृतिक एवं भावनात्मक संबंध है। प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांचा राम हैं। इसी कारण प्रदेश में भांचा के प्रति विशेष श्रद्धा और उनके चरण स्पर्श करने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता के लिए आदर्श है। मर्यादा, त्याग, कर्तव्य, संघर्ष और सेवा की प्रेरणा उनके जीवन से मिलती है। भगवान श्रीराम राजपरिवार में जन्म लेने के बावजूद संघर्षों से गुजरे और 14 वर्ष का वनवास सहन किया। उनके जीवन से सीख मिलती है कि कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय समाज और दूसरों के हित में सकारात्मक कार्य करने का प्रयास करना चाहिए।

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वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2023 में हमारी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः शुरू किया गया। इसके साथ ही पहले बजट में श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई, ताकि छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक वरिष्ठजनों को तीर्थयात्रा का अवसर मिले और उन्हें यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। वित्त मंत्री ने बताया कि अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन के दौरान उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ में कम से कम एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प के तहत विभिन्न अवसरों पर ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। यह हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम हैं।

सरकार ने तीर्थयात्रा कराकर बुजुर्गों का सपना किया साकार: सांसद श्री राधेश्याम राठिया

लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि आज का दिन सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का अवसर है। छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से विशेष संबंध है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर निर्मित होने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिल रहा है। उन्होंने तीर्थयात्रा कर लौटे सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके अनुभव और प्रसन्नता से इस योजना की उपयोगिता सामने आती है।

धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य कर रही सरकार: सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह

राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन एवं श्री रामलला दर्शन योजना श्रद्धालुओं को तीर्थस्थलों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, मंदिरों और धार्मिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव है। उन्होंने वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी द्वारा एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने के संकल्प की सराहना की। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल ने कहा कि सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थधाम की यात्रा कराने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

सरकार के प्रयास से पूरा हुआ अयोध्या धाम जाने का सपना

कार्यक्रम में तीर्थयात्रा कर लौटे वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए। श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्होंने कभी अयोध्या धाम जाने और प्रभु श्रीराम के दर्शन करने की कल्पना भी नहीं की थी। उनके पूर्वज भी अयोध्या नहीं जा सके थे, लेकिन सरकार की योजना से उनका यह सपना पूरा हुआ। उन्होंने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था अच्छी रही। जिस स्थान पर पहुंचते थे, वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो जाती थीं। श्रद्धालुओं ने इस अवसर के लिए राज्य सरकार, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

एक वर्ष में छह बार अयोध्या धाम की यात्रा, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से भी वरिष्ठजनों को मिला लाभ

अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच एक वर्ष में श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छह चरणों में वरिष्ठ नागरिकों को अयोध्या धाम की यात्रा कराई गई। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत भी एक बार यात्रा आयोजित की गई। इन यात्राओं से लाभान्वित जिले के लगभग 981 वरिष्ठ नागरिकों को समारोह में सम्मानित किया गया। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के 861 और शहरी क्षेत्र के 120 वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। कार्यक्रम के अंत में नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ करने वाले दल के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे एवं उनकी टीम के सदस्यों को भी स्मृति चिह्न और श्रीरामचरित मानस पुस्तिका भेंट कर सम्मानित किया गया।

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