रिपोर्टर सतीश शुक्ला लैलूंगा
लैलूंगा,अधिवक्ता आराधना सिदार की हत्या के मामले को लेकर गोंड समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। गोंड समाज जिला रायगढ़ के पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने एस पी एवं कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों को फांसी की सजा देने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि आराधना सिदार, उम्र लगभग 31 वर्ष, लैलूंगा क्षेत्र की निवासी थीं और केशकाल/लैलूंगा क्षेत्र में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस कर रही थीं। समाज के अनुसार 12 मई 2026 को पुलिस प्रशासन द्वारा पूंजीपथरा जंगल क्षेत्र में आराधना सिदार का अर्धनग्न शव बरामद किया गया था। इस घटना को समाज ने सुनियोजित एवं निर्मम हत्या बताया है।
गोंड समाज ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि हत्या से पहले आराधना सिदार के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया तथा घटना ने पूरे आदिवासी समाज को झकझोर कर रख दिया है। समाजजनों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पुलिस प्रशासन द्वारा मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन समाज को आशंका है कि इस हत्याकांड में अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। इसलिए निष्पक्ष, गहन एवं त्वरित जांच कर सभी दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की गई है।
गोंड समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। समाज ने दोषियों को फांसी की सजा देने, मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। घटना को लेकर क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।



