स्थान: कांकेर (उत्तर बस्तर)
नर्सिंग कॉलेज, सड़क विस्तार और कृषक उन्नति से व्यापक परिवर्तन
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का “संकल्प बजट” जनजातीय अंचलों के समग्र विकास का दूरदर्शी और ठोस दस्तावेज है। अनुसूचित जनजातीय मोर्चा, जिला अध्यक्ष ईश्वर कावड़े, ने कहा कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा वित्तमंत्री ओम प्रकाश चौधरी का अभिनंदन करता हूँ कि उन्होंने इस बजट में आदिवासी समाज को केंद्र में रखते हुए स्पष्ट और प्रभावी प्रावधान किए हैं।
इस बजट में कांकेर जिले के लिए शिक्षा, सड़क, सिंचाई, कृषि, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में बहुआयामी प्रभाव दिखाई देता है। कांकेर में नर्सिंग कॉलेज स्थापना का प्रावधान स्थानीय युवाओं, विशेषकर जनजातीय बेटियों के लिए ऐतिहासिक अवसर है। इससे न केवल व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार होगा बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा । राज्य विश्वविद्यालयों के लिए लगभग ₹731 करोड़ का अनुदान तथा तकनीकी शिक्षा और छात्रावास विस्तार की योजनाएँ जनजातीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। यह विशेष रूप से उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो दूरस्थ ग्रामों से आते हैं और संसाधनों के अभाव में पिछड़ जाते हैं।
सड़क और अधोसंरचना के क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के लिए लगभग ₹9,450 करोड़ का प्रावधान किया गया है तथा मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना के अंतर्गत ₹200 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इन प्रावधानों से कांकेर जिले में ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों और मुख्य संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण को गति मिलेगी। नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में ऑल-वेदर सड़क निर्माण से विकास, सुरक्षा और प्रशासनिक पहुँच मजबूत होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों की उपज समय पर बाजार पहुँचेगी और विद्यार्थियों व मरीजों को सुविधा मिलेगी।
कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में ₹10,000 करोड़ की कृषक उन्नति योजना तथा लगभग ₹5,500 करोड़ की बिजली पंप सब्सिडी का प्रावधान जनजातीय कृषकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। कांकेर में मेडकी बैराज जैसी परियोजनाओं का उल्लेख सिंचाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ब्याज-मुक्त ऋण की व्यवस्था से छोटे और सीमांत आदिवासी किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा, जिससे वे वर्षा आधारित खेती से आगे बढ़कर बहु-फसली पद्धति अपना सकेंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सिंग कॉलेज स्थापना, जिला अस्पतालों के उन्नयन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार का प्रावधान दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के लिए राहतकारी है। यह कदम स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच बढ़ाएगा और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
वोमहिला सशक्तिकरण के संदर्भ में रानी दुर्गावती योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर बेटियों को ₹1.5 लाख की आर्थिक सहायता का प्रावधान जनजातीय परिवारों के लिए सुरक्षा कवच सिद्ध होगा। महतारी वंदन जैसी योजनाएँ मातृ शक्ति को सम्मान और आर्थिक स्थिरता प्रदान करती हैं।
यह बजट “डबल इंजन सरकार” की प्रतिबद्धता को भी प्रतिबिंबित करता है, जिसमें प्रदेश का नेतृत्व और केंद्र की नीतियाँ एक समान दिशा में कार्य कर रही हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान, अधोसंरचना विस्तार और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को प्रदेश स्तर पर प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। राष्ट्रीय दृष्टि और राज्य स्तरीय क्रियान्वयन का यह समन्वय ही वास्तविक परिवर्तन का आधार है।
कांकेर जैसे जनजातीय बहुल जिले के लिए यह बजट केवल आर्थिक प्रावधान नहीं, बल्कि सम्मान, अवसर और विकास की नई शुरुआत है।
अनुसूचित जनजातीय मोर्चा, जिला कांकेर यह सुनिश्चित करेगा कि इन सभी योजनाओं का लाभ अंतिम आम जनजातीय परिवार तक पहुँचे और क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे।यह बजट जनजातीय स्वाभिमान, समावेशी विकास और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
ईश्वर कावड़े
जिला अध्यक्ष
अनुसूचित जनजातीय मोर्चा
जिला कांकेर



