मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
मुंगेली/लोरमी।- लोरमी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत चरनीटोला में ईंट के पैसे को लेकर सामने आया मामला अब स्पष्ट होता नजर आ रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए शपथ पत्र और आवेदन के बाद यह मामला अब गलतफहमी और आपसी लेन-देन का बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम चरनीटोला निवासी कृष्णकांत महेश्वरी (26 वर्ष) ने शपथ पत्र के माध्यम से बताया कि कुछ महीने पहले उन्होंने दुष्यंत घृतलहरे से उधारी में ईंट खरीदी थी। बाद में दुष्यंत घृतलहरे ने उन्हें ईंट का भुगतान प्रमोद कुमार कुर्रे (रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत चरनीटोला) को देने के लिए कहा था।
कृष्णकांत के अनुसार जब उन्होंने ईंट का पैसा प्रमोद कुमार कुर्रे को दिया, उस समय उन्होंने पैसा देने का एक वीडियो भी बना लिया था। बाद में यही वीडियो किसी तरह कुछ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक पहुंच गया, जिसके आधार पर इस मामले को लेकर खबरें प्रकाशित हो गई थीं।
हालांकि बाद में कृष्णकांत महेश्वरी ने नोटरी शपथ पत्र के साथ जनपद पंचायत लोरमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन देकर स्पष्ट किया कि उन्होंने इस संबंध में किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं की थी और न ही किसी को खबर प्रकाशित करने के लिए कहा था। उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि यह पूरा मामला गलतफहमी के कारण सामने आया और वे इस संबंध में किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहते।
कृष्णकांत महेश्वरी ने यह भी बताया कि ईंट के भुगतान को लेकर ही पैसा दिया गया था, लेकिन बाद में उनसे भूलवश कुछ बातें कह दी गईं, जिससे मामला गलत तरीके से सामने आ गया। इसके बाद उन्होंने शपथ पत्र देकर जनपद पंचायत को आवेदन सौंपते हुए इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई न करने का आग्रह किया है।
👉 रोजगार सहायक ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं इस मामले में रोजगार सहायक प्रमोद कुमार कुर्रे ने कहा कि दुष्यंत घृतलहरे उनका रिश्तेदार है और उसी के कहने पर उन्होंने ईंट का पैसा लेने की बात कही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह निजी लेन-देन का मामला था और उनका किसी भी प्रकार से पंचायत या सरकारी काम से कोई संबंध नहीं था।
प्रमोद कुमार कुर्रे का कहना है कि उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं और जिस तरह की खबरें प्रकाशित हुई हैं, वे पूरी तरह असत्य और भ्रामक हैं।
👉 गलतफहमी के कारण बना मामला
ग्रामीणों का भी कहना है कि यह मामला निजी लेन-देन और गलतफहमी के कारण सामने आया, जिसे बाद में शिकायतकर्ता ने खुद शपथ पत्र देकर स्पष्ट कर दिया है।
👉 शिकायतकर्ता ने कार्रवाई नहीं चाही
अब शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं शपथ पत्र देकर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने की मांग किए जाने के बाद मामला लगभग शांत होता नजर आ रहा है। जनपद पंचायत को भी आवेदन देकर स्पष्ट किया गया है कि इस मामले में आगे कोई कार्रवाई न की जाए।
👉CEO जनपद पंचायत लोरमी का बयान,
जनपद पंचायत लोरमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेश कुमार कंवर ने इस मामले में कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा नोटरी शपथ पत्र के माध्यम से आवेदन दिया गया है। शपथ पत्र के अनुसार यह मामला आपसी पैसे के लेन-देन से जुड़ा बताया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता के अनुसार इस मामले को गलतफहमी के कारण मुद्दा बनाकर खबर के रूप में सामने लाया गया था। CEO ने बताया कि शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में किसी प्रकार की कार्रवाई न करने का आग्रह किया है, जिसे अभिलेख में दर्ज कर लिया गया है।



