मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
मुंगेली। जिले में सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत की अपहरण कर हत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले का खुलासा मुंगेली पुलिस ने कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या की साजिश रचने वाले मृतक के सगे भाई समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 4 नाबालिगों को भी हिरासत में लेकर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार यह पूरा हत्याकांड करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश के तहत रचा गया था। आरोपियों ने मृतक को उसके बेटे से खतरा बताकर पहले परिवार में दुश्मनी बढ़ाई और बाद में सुपारी देकर उसका अपहरण कर हत्या करा दी।
👉ऐसे हुआ मामले का खुलासा,
22 मार्च 2026 को थाना लालपुर में मृतक के भाई बलबीर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके भाई दामोदर राजपूत (62 वर्ष), जो शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्त लेखापाल थे, घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटे। उनकी मोटरसाइकिल ग्राम मनोहरपुर के पास संदिग्ध हालत में मिली थी। 👉पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा व डीएसपी हरविंदर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने जिले के एंट्री-एग्जिट प्वाइंट और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। त्रिनयन एप के माध्यम से रूट चार्ट बनाकर कैमरों का विश्लेषण किया गया, जिसमें एक संदिग्ध ह्युंडई ईऑन कार (CG 10 AC 8986) मृतक की बाइक के पीछे चलते हुए दिखाई दी।
👉सुपारी देकर कराई हत्या,
कार की जांच करते-करते पुलिस आरोपी संजय यादव तक पहुंची। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि मृतक के छोटे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना राजपूत, चचेरे भाई रामपाल राजपूत और अन्य परिजनों ने दामोदर राजपूत की हत्या के लिए 10 लाख रुपये और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी दी थी।
👉योजना के तहत 21 मार्च को आरोपियों ने मनोहरपुर के सुनसान रास्ते पर दामोदर राजपूत की बाइक रुकवाकर गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में डालकर कवर्धा जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसरा गांव के जंगल में नदी किनारे रेत में दफना दिया।
👉सबूत मिटाने प्रयागराज भेजा गया मोबाइल,
आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक का मोबाइल प्रयागराज भेजकर गंगा नदी में फेंक दिया ताकि यह लगे कि दामोदर राजपूत कहीं साधु-संत बनकर चले गए हैं।
👉फर्जी नोटरी से संपत्ति हड़पने की साजिश,
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने मृतक के नाम से फर्जी वचनपत्र (नोटरी दस्तावेज) तैयार कराया था, जिसमें संपत्ति बेटे को न देकर भाई-भतीजों के नाम करने की बात लिखी गई थी। पुलिस को संदेह हुआ कि संपत्ति हड़पने के लिए ही हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस ने किए 11 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मृतक के भाई, रिश्तेदार और सुपारी किलर शामिल हैं। इसके अलावा 4 नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में रणजीत सिंह राजपूत, पालेश्वर राजपूत, रामपाल सिंह राजपूत, पराग सिंह राजपूत, हेमंत राजपूत, अजय राजपूत, संजय यादव, श्रवण उर्फ प्रिंस गोई, योगेश गंधर्व, देवराज साहू और आशीष कारीकांत शामिल हैं।
वाहन और नकदी भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से सुपारी की राशि 96 हजार रुपये, घटना में प्रयुक्त ह्युंडई ईऑन कार, टाटा स्पेशियो गोल्ड कार, मोटरसाइकिल और स्कूटी जब्त की है।
इस पूरे मामले में थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 40/26 के तहत धारा 61(2), 103(1), 140(2), 238 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
टीम की रही अहम भूमिका
इस मामले के खुलासे में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रसाद सिन्हा, थाना प्रभारी लोरमी अखिलेश वैष्णव, थाना प्रभारी लालपुर सुंदरलाल गोरले, थाना प्रभारी जरहागांव सतेन्द्रपुरी गोस्वामी सहित साइबर सेल और पुलिस टीम के कई अधिकारियों व जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


