उत्तर बस्तर कांकेर 11 मई 2026/ जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के सुदूरवर्ती सरहदी ग्राम पंचायत कंदाड़ी, जो कभी माओवाद से प्रभावित था, में आयोजित बस्तर मुन्ने कार्यक्रम और सुशासन तिहार ने ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास को मजबूत किया, वहीं लोकतंत्र के प्रति आस्था भी बढ़ी। जिले के प्रशासनिक अधिकारी कोटरी नदी को पार कर गांव पहुंचे, जहां विगत दिवस आम के पेड़ के नीचे ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई गई और उनकी समस्याएं सुनीं गईं। कभी अतिसंवेदनशील इलाके के रूप में पहचाने जाने वाले इस गांव में आज शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
इसी शिविर में उपस्थित ग्राम की महिला श्रीमती सोनकाय बाई कचलामी ने गोंडी में बताया कि महतारी वंदन योजना उनके जीवन में आर्थिक संबल बनकर आई है। उन्होंने बताया कि उन्हें हर महीने योजना के तहत एक हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है, जिसका उपयोग वह तेल, साग-सब्जी तथा घर की अन्य जरूरी सामग्री खरीदने में करती हैं। खेती से होने वाली आय के अतिरिक्त यह राशि उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहयोग साबित हो रही है। श्रीमती कचलामी ने बताया कि उनके चार बेटे और एक बेटी हैं। बेटी की शादी हो चुकी है और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।


