Ruckus over death of cattle at Kanji House on Albela Para Road in Kanker city, Bajrang Dal expresses displeasure
कांकेर । छत्तीसगढ़ कांकेर शहर के अलबेला पारा मार्ग स्थित कांजी हाउस में मवेशियों की लगातार हो रही मौतों को लेकर अब शहर में आक्रोश का माहौल बनता जा रहा है। बीते दिनों एक गाय की मौत कांजी हाउस में हो गई, जो कई दिनों से वहीं पड़ी हुई थी। इस अमानवीय स्थिति को देखकर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और तुरंत जिला प्रशासन एवं नगर पालिका को इसकी सूचना दी।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। पिछले एक महीने में कांजी हाउस में 5 से 10 गायों की मौत हो चुकी है। अधिकांश मवेशी या तो सड़क हादसों में घायल होकर लाए गए थे या गंभीर रूप से बीमार थे, जिन्हें इलाज के अभाव में मौत का सामना करना पड़ा।
इलाज के अभाव में तड़पती हैं गायें बजरंग दल के जिला सह संयोजक विशाल गुप्ता ने बताया कि कांजी हाउस एवं गौठान में बेसहारा और घायल पशुओं को लाकर छोड़ दिया जाता है, लेकिन उनके इलाज की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अक्सर 2 से 3 दिन के भीतर ही उनकी मौत हो जाती है। यह न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि पशु क्रूरता की श्रेणी में आता है।
प्रशासन को चेतावनी, जल्द समाधान नहीं तो होगा आंदोलन गाय की मौत और बदहाल स्थिति को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका और जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। कार्यकर्ताओं की मांग है कि कांजी हाउस में पशुओं के लिए पशु चिकित्सक की तैनाती की जाए, घायल पशुओं के लिए तुरंत इलाज सुनिश्चित किया जाए और मृत पशुओं का समय पर अंतिम संस्कार हो।
बेजुबान मवेशियों को खुला छोड़ना भी बड़ी समस्या कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि कई पशु मालिक अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं, जिससे वे दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में पशु मालिकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
जनता और गौ-सेवा संगठनों ने की अपील स्थानीय नागरिकों और गौ-सेवा संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि कांजी हाउस की स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं और बेजुबान जानवरों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।



