सरपंच-सचिवों की बैठक लेकर प्रमुख समस्याओं से अवगत हुए कलेक्टर
कहा- अब क्षेत्र का निर्बाध रूप से होगा वास्तविक विकास
उत्तर बस्तर कांकेर, 12 मई 2026/ जिले दूरस्थ क्षेत्र में स्थित कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्रामों का विकास अब तेजी से और निर्बाध ढंग से होगा। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज कोयलीबेड़ा की 18 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर रूबरू होते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि माओवाद की समाप्ति के बाद अब इस क्षेत्र का विकास द्रुतगति से होगा।
कोयलीबेड़ा ब्लॉक मुख्यालय के स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय के कक्ष में आज अपराह्न कलेक्टर श्री क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी ने क्षेत्र की 18 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से बारी बारी से व्यक्तिगत रूप से समस्याएं और मांगें सुनीं। इस दौरान मुख्य रूप से ग्राम पंचायत कोयलीबेड़ा, सुलंगी, कडमे, झिरमतराई, तुरसानी, छोटेबोदली, पोरोंडी, केसेकोड़ी, उदनपुर, सिकसोड़, चारगांव, आलपरस, गुडाबेड़ा, कौड़ोसाल्हेभाट, दड़वी साल्हेभाट, पानीडोबीर, कामटेरा, बदरंगी पंचायतों के सरपंचों ने प्रमुख रूप से पुलिया एवं सीसी रोड निर्माण, जर्जर स्कूल भवन के स्थान पर नवीन शाला भवन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण, पीडीएस सेंटर भवन निर्माण, बालक/ बालिका छात्रावास भवन निर्माण, सोलर लाइट, अहाता निर्माण, बाउंड्रीवॉल निर्माण, खेल मैदान, बोर खनन आदि मांगें कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से की। इस दौरान कलेक्टर ने इन सभी निर्माण कार्यों की सूची तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के सीईओ श्री उदय नाग को दिए। इस अवसर पर पखांजूर एसडीएम श्री मनीष देव साहू और ब्लॉक स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण
कोयलीबेड़ा प्रवास के दौरान कलेक्टर ने कोयलीबेड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सोलर पंप में बैटरी की मांग स्थानीय सरपंच द्वारा की गई, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल नई बैटरी लगाने के निर्देश सीईओ को दिए। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और बीएमओ को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों की मांग पत्र कोयलीबेड़ा में 50 सीटर प्री/पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास में बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी स्वीकृति दी।




