उत्तर बस्तर कांकेर, 12 मई 2026/ जिले के सभी विकासखंडों में सुशासन तिहार एवं बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। दूरस्थ और सीमावर्ती गांवों में भी ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
महाराष्ट्र सीमा से लगे कोयलीबेड़ा विकासखंड के अंतिम ग्राम पंचायत ओरछागांव के ग्राम पी.व्ही. 109 की निवासी श्रीमती लोलीता बढ़ाई भी ऐसी ही हितग्राही हैं, जिन्हें महतारी वंदन योजना से नियमित रूप से राशि प्राप्त हो रही है। उन्होंने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई और जरूरी खर्चों में करती हैं, जिससे परिवार को काफी सहारा मिला है।
श्रीमती बढ़ाई ने बताया कि उनका परिवार खेती-किसानी पर निर्भर है और इसी से परिवार का जीवनयापन चलता है। पहले घर के खर्च और बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता से उन्हें राहत मिली है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं अब गांव के अंतिम छोर तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीणों में विश्वास और खुशी का माहौल है। श्रीमती लोलीता बढ़ाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं और बच्चों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है।



