*प्रमोद अवस्थी मस्तूरी*
मस्तूरी जनपद क्षेत्र के ग्राम रलिया-भेलाई में अरपा कोल बेनीफिकेशन एंड एनर्जी एलएलपी (कोलवाशरी) के प्रबंधन द्वारा कंपनी तक पहुँचने के लिए शासकीय भूमि प्राप्त कर आने जाने के लिए की मांग की गई थी, जिस पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना बिलासपुर ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त तहसीलदार मस्तूरी को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला संयोजक अनिल कुमार पाली ने बताया कि ग्राम रलिया-भेलाई की शासकीय भूमि खसरा नंबर 206, रकबा 4.06 एकड़ ग्राम की जरूरतों के लिए आरक्षित है। यह भूमि गौठान, स्कूल, भवन, सांस्कृतिक मंच और मुक्ति धाम जैसी सार्वजनिक उपयोग की जगहों के लिए रखी गई है। इसे किसी निजी कंपनी को कोलवाशरी प्लांट के लिए देना ग्राम हित और छत्तीसगढ़ियों के अधिकारों के खिलाफ है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष अजय सूर्या ने बताया कि प्लांट स्थापित होने के बाद ग्राम और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण, धूल, काला धुआं और दूषित पानी जैसी समस्याएं बढ़ेंगी, जिससे लोगों की सेहत और खेती दोनों पर बुरा असर पड़ेगा। ग्राम रलिया-भेलाई में पहले ही जनसुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के कार्यकर्ताओं ने खुलकर विरोध जताया था और अब प्रशासन को औपचारिक रूप से आपत्ति ज्ञापन देकर अवगत कराया गया है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम की शासकीय भूमि को किसी भी निजी कंपनी को आबंटित नहीं किया जाए। यदि छत्तीसगढ़िया जनता की बात को अनसुना किया गया,तो छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ता बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



