मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
मुंगेली। जिले में महिला आरक्षण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर पूरे प्रदेश में आयोजित पत्रकार वार्ताओं के तहत मुंगेली में भी प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए महिला आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए ममता चंद्राकर ने कहा कि भाजपा लगातार यह गलत प्रचार कर रही है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री तक इस मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब प्रधानमंत्री कुछ महिला सांसदों का सामना नहीं कर पाए, तो देश में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की उनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने बताया कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” (128वां संविधान संशोधन) संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी भी प्राप्त कर चुका है और यह कानून बन चुका है। इसके बावजूद भाजपा सरकार इसे लागू नहीं कर रही है, जो उसकी नीयत पर संदेह पैदा करता है।
ममता चंद्राकर ने आगे कहा कि 16 अप्रैल 2026 को लाए गए 131वें संविधान संशोधन विधेयक का महिला आरक्षण से कोई सीधा संबंध नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से लोकसभा सीटों के परिसीमन का प्रस्ताव लाया गया था। इसमें लोकसभा सीटों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव शामिल था, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित थीं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब नई जनगणना और जाति जनगणना की बात हो रही है, तो पुराने 2011 के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों किया जा रहा है? साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो मौजूदा सीटों में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
कांग्रेस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी शुरू से ही महिला आरक्षण की पक्षधर रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा 1989 में पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की पहल का उल्लेख किया। साथ ही पी. वी. नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि आज देशभर में लाखों महिला जनप्रतिनिधि कांग्रेस की नीतियों का ही परिणाम हैं। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर असल में वह अपने राजनीतिक हित साधना चाहती है, लेकिन विपक्ष की एकजुटता से उसका यह प्रयास विफल हो गया है।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा, संजीत बनर्जी, मायारानी सिंह, जागेश्वरी वर्मा, उर्मिला यादव, दीपक गुप्ता, स्वतंत्र मिश्रा, संजय यादव, अभिलाष सिंह, खुशबू वैष्णव, बिंदु यादव, शकीरा, ललिता सोनी, अनिता विश्वकर्मा, जाहिदा बेगम, निधि पौराणिक, वैशाली सोनी, आराधना तिवारी, साधना वर्मा, मनोरमा गुप्ता, ममता वर्मा एवं श्रीनिवास ठाकुर सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



