Raigarh’s Saumya Sharma spread the charm of classical dance through Kathak
रायगढ़ / अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह के छठवें दिन मंच पर रायगढ़ की कु.सौम्या शर्मा ने अपनी अद्भुत कथक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने तीन ताल में गणेश वंदना, जयपुर घराने के तोड़े-तुकड़े, 16 चक्कर, जुगलबंदी फुटवर्क और राग केदार पर एक तराना प्रस्तुत किया। उनकी भाव-भंगिमाओं, ताल-लय और पदचाप ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
बता दे कि कु. सौम्या शर्मा ने अपनी गुरु श्रीमती पूजा जैन प्रयाग संगीत समिति से पंचम वर्ष तक कथक की शिक्षा प्राप्त की है और लगातार साधना जारी रखी है। सौम्या को अब तक अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित किया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है।



