Tennis coach who came to Raipur from Delhi dies of heart attack…….
रायपुर। राजधानी के जोरा स्थित टेनिस कोर्ट में खिलाड़ी को प्रशिक्षण देने के दौरान कोच की मौत हो गई। कोच प्रशिक्षण दे रहे थे, इस दौरान उनकी हालत बिगड़ी और हॉस्पिटल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, कोच शरद कुमार दिल्ली से रायपुर पहुंचे थे। रायपुर के जोरा स्थित न्यू इंटरनेशनल टेनिस स्टेडियम में प्लेयर को ट्रेनिंग दे रहे थे। 29 मार्च को भी स्टेडियम में शाम साढ़े पांच बजे ट्रेनिंग चालू थी कि अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और वो जमीन पर गिर गए। इसके बाद उन्हें सीपीआर भी दिया गया। लेकिन उन्हें होश नहीं आया।
काफी कोशिश के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डॉक्टरों ने शार्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट से मौत की बात कही है।
बता दें कि कोच शरद 30 मार्च से शुरू हुए एशियन अंदर 14 टेनिस प्रतियोगिता में ट्रेनिंग देने पहुंचे थे। खिलाड़ी को ट्रेनिंग दे रहे थे। इस दौरान उनकी मौत हो गई। शरद राजपूत छतरपुर साउथ दिल्ली के रहने वाले थे। वे दिल्ली के जाने-माने टेनिस परिवार के सदस्य थे। पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से आए उनके परिजनों को सौंपा गया है। परिजन शव को लेकर वायुमार्ग से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया हैं।
दिल्ली से रायपुर आये टेनिस कोच को दिल का दौरा पड़ने पर मौत हो गई। राजधानी के जोरा स्थित न्यू इंटरनेशनल टेनिस स्टेडियम में खिलाडियों को ट्रेनिंग देते समय टेनिस कोच शरद कुमार राजपूत को दिल का दौरा आया। इस दौरान टेनिस कोर्ट में ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 29 मार्च की शाम लगभग साढ़े पांच बजे उनकी मौत हुई है।
मृतक दिल्ली से एशियन अंडर 14 टेनिस प्रतियोगिता में शामिल होने रायपुर पहुंचे हुए थे। वे जब खिलाडियों को ट्रेनिंग दे रहे तब अचानक जमीन पर गिरे गए। इस दौरान उसे सीपीआर देने की कोशिश की गई। साथ ही मौके पर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जान नहीं बची। वहीं मौजूद खिलाड़ी घटना को देखकर दंग रह गए।
टेनिस संघ के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देते समय वे अचानक जमीन पर गिर पड़े। तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की गई। आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बची। उन्होंने बताया कि शरद राजपूत छतरपुर साउथ दिल्ली के रहने वाले थे। वे दिल्ली के जाने-माने टेनिस परिवार के सदस्य थे।
टूर्नामेंट कोर्डिनेटर रूपेंद्र चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से आए उनके परिजनों को सौंपा गया है। परिजन शव को लेकर वायुमार्ग से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। आइटीएफ जूनियर के पुरस्कार वितरण से पहले छत्तीसगढ़ टेनिस के पदाधिकारियों की उपस्थिति में खिलाड़ियों ने उन्हें दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी है।


