Congress made a big offer, Brijmohan Agarwal will resign in some time, Chhattisgarh BJP’s ‘troubleshooter’ is going to Speaker Raman Singh’s house, in a dilemma,
रायपुर। ब्रेकिंग खबर आ रही है…प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल विधायक पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल रायपुर लोकसभा चुनाव से लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। हालांकि उन्हें 19 जून तक का समय था. लेकिन अब से थोड़ी देर पहले एक खबर आई है कि बृजमोहन अग्रवाल विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह को इस्तीफा देने जा रहे हैं। हालांकि, यह अभी क्लियर नहीं हुआ है कि वे मंत्रिपद से इस्तीफा देंगे।
जानिए बृजमोहन अग्रवाल के बारे में
लोकसभा चुनाव 2024 में रायपुर सीट से सांसद चुने गए बृजमोहन अग्रवाल 2023 में रायपुर दक्षिण सीट से विधायक चुने गए थे। विष्णुदेव साय सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बना गया। पहले विधानसभा फिर लोकसभा चुनाव में बृजमोहन अग्रवाल प्रदेश की सबसे बड़ी लीड लेकर लगातार चुनाव जीते हैं। वे लगातार 8 बार विधायक चुने जा चुके हैं। विधानसभा चुनाव में बृजमोहन ने प्रदेश में सर्वाधिक मतों से जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी महंत रामसुंदर दास को 67919 मतों के अंतर से हराया है। कॉमर्स व आर्ट्स दोनों विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले बृजमोहन अग्रवाल ने एलएलबी की भी डिग्री ली है। 1990 में पहली बार विधायक निर्वाचित होने वाले बृजमोहन अग्रवाल ने अपने राजनीतिक की शुरुआत भाजपा की छात्र इकाई एबीवीपी से अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की। वे कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष व भारतीय जनता युवा मोर्चा अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष रहें हैं। अविभाजित मध्य प्रदेश में राज्य मंत्री रहने के अलावा छत्तीसगढ़ की सरकार में तीन बार कैबिनेट मंत्री रहे हैं। भाजपा विधायक दल के सदन में मुख्य सचेतक भी रहे हैं। राजिम में राजिम कुंभ करवा कर उन्होंने राजिम कुंभ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलवाई है।
राजिम को दिलाया कुंभ का दर्जा
छत्तीसगढ़ का राजिम तीन नदियों महानदी, पैरी नदी व सोढुर संगम स्थल है। इसे छत्तीसगढ़ का प्रयाग भी कहा जाता है। वहां राजीव लोचन और कुलेश्वर महादेव का मंदिर भी हैं। वहां माघी पुन्नी मेला का आयोजन होता था। 2005में धर्मस्व मंत्री रहते बृजमोहन अग्रवाल ने इस आयोजन को कुंभी मेले की तर्ज पर शुरू कराया। पखवाड़ेभर तक चलने वाले इस आयोजन की चर्चा देश- विदेश तक होती है। इसमें देशभर के साधु-संतों आते हैं। हालांकि 2019 से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की शासन आते ही, सरकार ने फिर से आयोजन को राजिम पुन्नी मेला नाम दे दिया।
पिता का नाम:- रामजी अग्रवाल
जन्मतिथि:- 1 मई 1959
जन्म स्थान- रायपुर छतीसगढ़
विवाह की तिथि:- 2 जून 1986
पत्नी का नाम- सरिता देवी अग्रवाल
पत्नी की जन्मतिथि:- 21 फरवरी 1965
संतान- 2 पुत्र, 1 पुत्री
शैक्षणिक योग्यता:- एमकॉम, एमए, एलएलबी
सीएम साय जब कहेंगे तब दे दूंगा इस्तीफा
उल्लेखनीय है कि, तीन दिन पूर्व सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मिडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि, मुझे मंत्री और सांसद में क्या रहना है पार्टी तय करेगी। अभी तो मैं छह महीने मंत्री रह सकता हूं। आगे जो भी फैसला होगा, वो पार्टी के निर्देश के अनुसार होगा। मुख्यमंत्री जिस दिन कहेंगे, उस दिन इस्तीफा दे दूंगा।
पार्टी के निर्देशानुसार करुंगा काम
दरअसल, गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल सभी नवनिर्वाचित सांसदों की बैठक ली। इसमें सांसदों से वन-टू-वन चर्चा कर चुनावी फीडबैक लिया। इसमें नवनिर्वाचित सांसद व मंत्री अग्रवाल भी पहुंचे थे। बैठक के बाद अग्रवाल जब बाहर निकले, तो मीडिया ने उनसे इस्तीफे की बात छेड़ दी। अग्रवाल के जवाब के बाद जब सवाल हुआ कि क्या आगे बड़ी जिम्मेदारी आपको मिलने जा रही है? इस पर अग्रवाल ने कहा, जनता ने बड़ी जिम्मेदारी दे दी है। सांसद बना दिया है। अब विधायक और सांसद दोनों में से क्या रहना है, पार्टी जो निर्देश देगी वो करेंगे।
कांग्रेस का बड़ा ऑफर
डहरिया ने कहा कि हम उनको ऑफर देते हैं कि वो कांग्रेस में आ जाएं, जो चाहे वो मिलेगा. बृजमोहन अग्रवाल के अन्य विधायकों को अपने साथ लाने के सवाल पर डहरिया ने कहा कि अब देखते हैं वो किनको लेकर आते हैं. आ तो जाएं बस, हमारे यहां सब मिलेगा.
19 जून को दे सकते हैं इस्तीफा
बता दें कि बृजमोहन अग्रवाल रायपुर लोकसभा से चुनाव जीते हैं. उन्होंने प्रदेश की 11 सीटों में सबसे ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है. चूंकि वे रायपुर दक्षिण विधानसभा से विधायक भी हैं तो नियम के मुताबिक उन्हें एक पद छोड़ना पड़ेगा. ऐसे में वे कौन सा पद छोड़ते हैं ये देखने वाली बात है. हालांकि खबर ये भी है कि बृजमोहन 18 या 19 जून को अपनी विधायकी छोड़ सकते हैं. बताया जा रहा है कि वे 24 जून को होने वाले 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में वे शपथ लेंगे.
क्या है नियम ?
संविधान के अनुसार बृजमोहन अग्रवाल को सांसद चुने जाने के चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन जारी होने के 14 दिन के भीतर किसी एक सदन से इस्तीफा देना होगा. इस निश्चित अवधि में अगर वे इस्तीफा नहीं देंगे तो नियमानुसार नई सदन यानी उनकी लोकसभा की सदस्यता स्वत: खत्म हो जाएगी. हालांकि विधानसभा की सदस्यता उनकी जरूर बरकरार रहेगी.



