Home Blog UGC NET 2024 Update: जून 2024 UGC-NET का एग्जाम क्यों हुआ रद्द,...

UGC NET 2024 Update: जून 2024 UGC-NET का एग्जाम क्यों हुआ रद्द, जानिए क्यों होती है NET परीक्षा?

0

UGC NET 2024 Update: Why was the June 2024 UGC-NET exam canceled, know why NET exam is held?

राष्ट्रीय प्रवेश सह-पात्रता परीक्षा (NEET) के बाद अब UGC-NET जून 2024 परीक्षा भी विवादों के घेरे में है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 18 जून को आयोजित UGC-NET परीक्षा को रद्द कर दिया है। 9 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भीषण गर्मी के बीच इस परीक्षा में भाग लिया था। आइए समझते हैं कि NET को लेकर क्या विवाद है और परीक्षा क्यों रद्द की गई।

Ro.No - 13672/156

साइबर अपराध समन्वय केंद्र की को मिली थी सूचना

शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि 19 जून को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से इस परीक्षा को लेकर कुछ जानकारियां मिली थीं। इन जानकारियों के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा को रद्द कर दिया जाए, क्योंकि प्रथम दृष्टया परीक्षा की पवित्रता से समझौता किए जाने के संकेत मिले हैं। नई परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसके लिए अलग से जानकारी साझा की जाएगी।

CBI करेगी मामले की जांच

शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि मामले की गहन जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा जा रहा है। हालांकि, मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि परीक्षा में कहां गड़बड़ी हुई है। सभी 9 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द की गई है, जिसका मतलब है कि गड़बड़ी पहले पेपर में हुई है, जो सभी अभ्यर्थियों के लिए समान होता है। दूसरा पेपर अभ्यर्थी की विशेषज्ञता के आधार पर 83 अलग-अलग विषयों में होता है।

पेन-पेपर पर हुई थी परीक्षा

NET परीक्षा साल में 2 बार होती है। NTA दिसंबर, 2018 से यह परीक्षा कंप्यूटर पर ऑनलाइन करवा रहा था, लेकिन इस बार इसे पेन और पेपर पर करवाया गया था। NTA ने इसके पीछे तर्क दिया था कि ऐसा करने से ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जा सकते हैं, क्योंकि ऐसे इलाकों में ऑनलाइन परीक्षा के लिए जरूरी संसाधनों की कमी होती है। 9 लाख अभ्यर्थियों ने एक ही दिन में यह परीक्षा दी थी।

विपक्ष हुआ हमलावर

मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। खड़गे ने कहा, “परीक्षा पर चर्चा तो बहुत करते हैं, NEET परीक्षा पर चर्चा कब करेंगे? यह लाखों छात्र-छात्राओं के जज्बे की जीत और मोदी सरकार के अहंकार की हार है।” तेजस्वी यादव ने लिखा, “भाजपा के राज में हर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना 100 प्रतिशत तय है!” शिवसेना (उद्धव) ने तो NTA को बंद करने की मांग कर डाली।

क्यों रद्द हुई परीक्षा

शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूजीसी को गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की नेशनल साइबर क्राइम खतरा विश्लेषण इकाई से परीक्षा के संबंध में कुछ सूचनाएं मिली हैं. इन सूचनाओं से पता चलता है कि से यूजीसी नेट प्योरिटी से समझौता किया गया. इसलिए यूजीसी नेट जून 2024 परीक्षा को रद्द किया गया है. सरकार ने यह भी कहा कि जल्द ही नेट परीक्षा की नई तारीख का ऐलान किया जाएगा.

एनटीए पर उठ रहे सवाल

2018 से पहले यूजीसी नेट परीक्षा का आयोजन यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन द्वारा किया जाता था, तब यह परीक्षा ऑफलाइन मोड यानी पेन और पेपर मोड में आयोजित की जाती है. साल 2028 के बाद इस परीक्षा का आयोजन एनटीए द्वारा किया जाने लगा. तब से यह परीक्षा सीबीटी मोड यानी कंप्यूटर बेस्ड मोड में होती है. हालांकि इस बार एनटीए ने नेट परीक्षा 18 जून को पेन और पेपर मोड में आयोजित की थी और परीक्षा रद्द हो गई. इसलिए एनटीए पर सवाल उठ रहे हैं कि इस बार एजेंसी ने पेपर सीबीटी मोड की जगह पेन और पेपर मोड में क्यों ली.

क्यों ली जाती है नेट परीक्षा

आपको बता दें कि यूजीसी नेट यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता परीक्षा है. जिसका आयोजन एनटीए द्वारा किया जाता है. यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है. एक बार जून महीने में और दूसरी बार दिसंबर महीने में. पहले इस परीक्षा का आयोजन यूजीसी यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन द्वारा ही किया जाता था. यह परीक्षा भारत भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर या जूनियर रिसर्च फेलोशिप और असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में भारतीय नागरिकों की पात्रता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है. इस परीक्षा में दो पेपर होते हैं और दोनों पेपर के आधार पर जेआरएफ और/या असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए पात्रता का निर्णय होता है. दोनों के कटऑफ अलग-अलग होते हैं, वहीं जेआरएफ मिलने वाले उम्मीदवारों को जेआरएफ के दौरान स्टाइपेंड भी मिलता और ये आगे चल कर रिसर्च या पीएचडी में एडमिशन ले सकते हैं. वहीं केवल असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले उम्मीदवार किसी भी राज्य के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं.

2017 में हुई थी एनटीए की स्थापना

एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, सेंट्रल एजेंसी है, जिसकी स्थापन भारतीय सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत नवंबर 2017 में किया गया था. यह एक स्वायत्त निकाय है, जिसका मुख्य कार्य नीट (NEET), जेईई मेन (JEE Main), गेट (GATE), यूजीसी नेट (UGC NET), जीमैट (GMAT) और कैट (CAT) जैसे दूसरी कई प्रवेश परीक्षा का आयोजन करना और रिजल्ट की घोषणा करना है. एनटीए के चेयरमैन मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा नियुक्त एक प्रख्यात शिक्षाविद् होते हैं.वर्तमान में यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी एनटीए के अध्यक्ष हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here