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नवीन भारतीय न्याय, नागरिक सुरक्षा, साक्ष्य संहिता को लेकर पुलिस मेस में डीएसपी रैंक अधिकारियों ने किया पत्रकार वार्ता

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DSP rank officers held a press conference in the police mess regarding new Indian justice, civil security, evidence code

तीन कानूनों में कारवाई का समय अवधि निर्धारित

Ro.No - 13672/156

बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – भारत में लागू 3 नवीन कानूनों के बारे में लोगों तक विस्तार से जानकारी देने पत्रवार्ता पुलिस की ओर से पुलिस मेस बीजापुर में रखा गया। जिसमें 01 जुलाई से भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 एवं भारतीय साक्ष्य संहिता लागू हुआ इसे लेकर तीन पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी दिया, बदले संहिताओं पर

उप पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता , भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता , भारतीय साक्ष्य संहिता 2023 की नया 3 कानून पुराने धाराओं को बदलकर लाया गया , अंग्रेज शासन काल में बनाए गए थे उन्हें बदला गया। वर्तमान में होने वाले अपराध वह अपराध प्रवृति के लोगों कि अपराधों को लेकर दंड संहिता पहले की तुलना अभी बदला जिसमें महिलाओं से अत्याचार बलात्कार जघन्य अन्य अपराध व बच्चों से अपराध करना गंभीर अपराध फांसी वा आजीवन कारावास रखा गया। वही साइबर क्राइम भी 2023 के कानून में शामिल किया गया इसके साथ ही तीसरा जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, जिसके तहत नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना, उनके अधिकारों का हनन होने से बचाना के लिए खड़े दंड के प्रावधान, भारतीय साक्ष्य संहिता में जितने भी जब्त किया करेंगे गिरफ्तार की कार्यवाही होगी वह सभी का वीडियोग्राफी बनाये जायेंगे । आज के प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम इसलिए ताकि और लोगों तक यहां जानकारी पहुंच सके। 2023 के तीन कानून बदलने पर अब आसान होगा रिपोर्ट करना आप चाहे किसी भी राज्य में क्यों ना हो कई गये है दूसरे क्षेत्र में आपके साथ वहां कुछ घटना घटती है तो उसे व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दे सकते हैं। प्रथम दृष्टता जीरो रिपोर्ट दर्ज कर संबंधित थाने को भेजा जाएगा हां पर कुछ समय अवधि में आपको आकर सिग्नेचर करना पड़ेगा । वही कोई अपराध करके भाग जाता है उसका यह रहना जरूरी उसके खिलाफ केस दर्ज कर, सजा दिया जा सकता है जब वह पकड़ा जाएगा उस पर लगी सजा के तहत जेल जाएगा। तीन कानूनों में समय अवधि में सभी जिम्मेदारों को शिकायत पर न्याय देने के लिए कार्रवाई करना सुनिश्चित करने के नियम बने जो कि अब तक कभी ऐसे नहीं थे यह एक अच्छी बात है।

वही उप पुलिस अधीक्षक गरिमा दादर

ने बताया कि छोटे बच्चे और महिलाओं को लेकर इन धाराओं के साथ सुरक्षा मिले ऐसे प्रकरण जो 18 वर्ष से बडे़ महिलाओं के साथ अत्याचार जघन्य संगीन जैसे अपराध करने पर फांसी 18, 12 से कम होने पर आजीवन कारावास के साथ ही पीड़ित को न्याय मिले ऐसी व्यवस्था किया गया है , ताकि कोई भी महिला हो या बच्चों को किसी भी तरह परेशानी ना हो , 69 की धारा के तहत महिलाओं की प्राइवेट जगह या कपड़े शोरूम में कपड़े बदलने या अन्य प्राइवेट जगहों पर कोई फोटो लेते अगर मिले तो इसे अपराध की श्रेणी में रखा गया। वही नाबालिक बच्चों से अगर कोई अपराधी कृत्य करवाने के लिए प्रेरित करने के साथ उकसाता है वहां गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

उप पुलिस अधीक्षक तुलसीराम

तुलसी लेकाम ने बताया कि वर्तमान में बनी कानूनों के बारे में लोगों को समय-समय पर जागरूक किया जा रहा है वहीं उन्होंने कहा कि ये कितने महत्वपूर्ण कानून है। पहले पीड़ित शिकायतकर्ता अपराध की घटनाएं होने पर प्रथम रिपोर्ट रिपोर्ट दर्ज करने में बहुत सारे परेशानीयों का सामना करना पड़ता पर अब ऐसा नहीं है। तीन कानून बनने से बदलाव हुए इस संबंध में अन्य अधिकारी देंगे।

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