Chhattisgarh News: Former CM targeted, 2 children died of malaria in Bijpur, Congress formed an investigation committee, Health Minister arrived with officers,
रायपुर। बीजापुर के भोपालपट्टनम स्थित एक पोटा केबिन में रहने वाली 2 मासूम बच्चियों की मलेरिया से मौत हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वयं वहां पहुंचे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ पहुंचे मंत्री ने पोटा केबिन की स्थिति का जायजा लिया है।
इधर, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि बीजापुर के पोटाकेबिनों में पिछले तीन दिनों में दो आदिवासी बच्चों की मलेरिया से मौत हो गई है। सूचना है कि तीन और बच्चे मलेरिया से पीड़ित हैं। हमारी सरकार ने बस्तर को मलेरिया मुक्त करने के लिए अभियान चलाया। पांच साल में मलेरिया में अभूतपूर्व कमी आई। ये विशुद्ध रूप से भाजपा सरकार की लापरवाही है कि पोटाकेबिन में बच्चे मलेरिया से जान गवां रहे हैं।कांग्रेस का बेशक विरोध कीजिए, पर कांग्रेस सरकार की अच्छी योजनाओं पर राजनीति करना जनहित में नहीं है।
कांग्रेस ने बनाई जांच कमेटी
इधर, प्रदेश कांग्रेस इस मामले की जांच करने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम-तारलागुडा पोटाकेबिन में कक्षा-दूसरी में अध्ययनरत छात्रा की मलेरिया से हुई मौत की घटना को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री नीना रावतिया उददे के नेतृत्व में नौ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो निम्नानुसार है :-
सरिता चापा, पार्वती कश्यप, संतकुमारी मंडावी, गीता कमल, निर्मला मरपल्ली, अनिता तेलम, बोधी ताती और रिंकी कोराम को सदस्य बनाया गया है। पार्टी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जांच समिति के सदस्यों से आग्रह है कि, वे अविलंब प्रभावित, पोटाकेबिन का दौरा कर पीड़ितों सहित स्थानीय ग्रामवासियों से भेंट / चर्चा कर घटना की वस्तुस्थिति से अवगत होकर अपना प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रेषित करें।
पांच बैगा आदिवासियों की मौत
इधर, कवर्धा जिले के ग्राम सोनवाही में डायरिया से पांच ग्रामीणों की मौत हुई है। हालांकि, कलेक्टर जनमेजय महोबे का कहना है कि ग्रामीणों की मौत अलग-अलग कारणों और अलग-अलग जगह में हुई है।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैगा आदिवासियों की मौत के जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही मलेरिया, डायरिया व जलजनित अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाने तथा स्वास्थ्य केद्रों में जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण के निर्देश दिए हैं।
पोटाकेबिन के साथ बीजापुर को करेंगे मलेरिया मुक्त
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा- “हर साल की तरह इस साल भी मौसमी बीमारियां शुरू हो गई है. बस्तर के बीजापुर में मलेरिया से मौत की जानकारी मिली है. स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से जानकारी लेने के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने बीजापुर दौरे पर जाने को कहा. हमारे साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम, हेल्थ सेक्रेट्री, हेल्थ एमडी भी बीजापुर जा रहे है. बीजापुर जिला अस्पताल जाकर प्रभावित लोगों से मिलेंगे. पोटाकेबिन का मुआयना कर मलेरिया मुक्त करने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा. बीजापुर जिला प्रशासन और बस्तर संभाग के हेल्थ अधिकारियों के साथ बैठक भी होगी. ”
कांग्रेस शासन काल में बस्तर में बढ़ा मलेरिया
पोटकेबिन में मलेरिया से मौतों के मामले में कांग्रेस के हमले पर मंत्री जायसवाल ने कहा- “विपक्ष का काम है मुद्दे उठाना. हम चाहते हैं कि कांग्रेस पूरे सशक्त विपक्ष के तरह हर मुद्दे को उठाए. कांग्रेस का ये कहना कि स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है, इस पर जायसवाल ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार में ज्यादा लोग मलेरिया से पीड़ित थे. उस समय मलेरिया से मौतें भी ज्यादा हुई थी. हमारी सरकार मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में पूरा काम कर रही है. जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग का कैंप लगाया जाएगा. मच्छरदानी बांटी जाएगी. लोगों का ब्लड टेस्ट किया जाएगा. मलेरिया पीड़ित लोगों की दोबारा जांच की जाएगी.”
जायसवाल ने आगे कहा-” साल 2018 में जब बीजेपी की सरकार थी तब छत्तीसगढ़ में 1000 में 11 लोग मलेरिया प्रभावित थे. साल 2023 में जब दोबारा सत्ता संभाली तो प्रति 1000 लोगों में 35 लोग मलेरिया प्रभावित हुए. यानी कांग्रेस कार्यकाल में तीन गुना मलेरिया बढ़ा. भाजपा सरकार ने सरगुजा को मलेरियामुक्त किया. बस्तर के कुछ जिले मलेरिया प्रभावित थे जो बढ़कर अब 5 जिले हो गए हैं. पूरे बस्तर को 5 साल के अंदर मलेरिया मुक्त किया जाएगा. “



