Pawan Sinha and Kakem Narayan teachers from Bijapur serving in remote areas were honored and became inspirational for others
2022 में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान पुरस्कार से भी सिन्हा हुए सम्मानित
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – छत्तीसगढ़ के बीजापुर के सुदूर क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले दो शिक्षक हुए सम्मानित जिले के अन्य लोगों के लिए बने प्रेरणादायक आपको बता दे पवन कुमार सिन्हा वर्तमान में (प्रधान पाठक) प्राथमिक शाला के पद पर कार्यरत हैं । सुदूर आदिवासी नक्सल प्रभावित वनांचल क्षेत्र में शिक्षा से वंचित बच्चों को विद्यालय से जोड़कर उन्हें शिक्षा प्रदान करते हैं ।सीखने सिखाने की प्रक्रिया को बाल केंद्रित खेल आधारित एवं टी एल एम के द्वारा संचालन कर बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हैं। विद्यालय में स्वच्छता वृक्षारोपण बागवानी किचन गार्डन जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़े रखते हैं। उन्हें उत्कृष्ट शिक्षा की कार्य के लिए 2022 में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, वर्ष 2023 में शिक्षा प्रतिभा अकादमी छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान ,इनोवेटिव पाठशाला अल्टरनेटिव एकेडमिक द्वारा सर्वश्रेष्ठ स्कूल सम्मान , भारतीय दलित साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ द्वारा बाबा साहब डॉ अंबेडकर समता अवार्ड से सम्मानित किया गया है । पढ़ाई तुहर पारा के लिए हमारे नायक में भी स्थान मिला है । इनका लक्ष्य सुदूर आदिवासी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाना तथा इस क्षेत्र में कोई भी बच्चा शिक्षक से वंचित न रहे इसका प्रयास करना है।
दुसरे ककेम नारायण
वे वर्तमान में शिक्षक के पद पर कार्यरत है शैक्षणिक गतिविधियों का सुचारू रूप से संचालन करते हुए विद्यार्थियों के प्रति समर्पण भाव से अपना पूर्ण योगदान देते हैं । बच्चों के प्रति उसका मित्रवत व्यवहार होता है विद्यालय प्रांगण में स्वच्छता के साथ वृक्षारोपण बागवानी, किचन गार्डन, विकसित कर संस्था को सौंदर्यकृत किया गया है । विभागीय गतिविधियों एवं योजनाओं का उत्कृष्ट कल्याण में उनके द्वारा किया जाता है उनके मार्गदर्शन में छात्रों का उत्कृष्ट विद्यालय में अब तक 28 बच्चों का चयन हुआ है। शैक्षिक गतिविधियों में कार्य करने के अलावा जिला प्रशासन द्वारा दिए गए कार्यों का संपादन में निष्ठा पूर्वक करते हैं उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यो के कारण उन्हें अनेक अवसरों पर प्रशस्ति पत्र व सम्मान प्राप्त हुआ है । उनका लक्ष्य आदिवासी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों को आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाना अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा में चयन हेतु बच्चों को जिज्ञासा जागृत करना है।



