Home Blog *कोर एरिया में वन्य प्राणियों का प्रबंधन ग्रामों का विस्थापन मुख्य उद्देश्य...

*कोर एरिया में वन्य प्राणियों का प्रबंधन ग्रामों का विस्थापन मुख्य उद्देश्य कलेक्टर, उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व*

0

 

इक्कीस गांव चिन्हांकित शासन की योजनाओं का स्वेच्छा से ले सकते लाभ जबरदस्ती नहीं हटाए जाएंगे – कलेक्टर संबित मिश्रा

Ro.No - 13672/156

 

बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – छत्तीसगढ़ के बीजापुर में कोर एरिया इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बसे लोगों की विस्थापन की सरकार की नई पहल की जानकारी मिलते पिछले दिनों देखा गया भारी संख्या में तहसील भोपालपटनम क्षेत्र के प्रस्तावित विस्थापन ग्रामों में आने वाले लोग भोपालपटनम मुख्यालय में इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन करते एसडीएम को ज्ञापन सौपा जिसका विरोध करते वही इसी मामले में आज जिला मुख्यालय के इंद्रावती सभा कक्ष कलेक्ट्रेट में मीडियाकर्मियों को प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर जिले के कलेक्टर संबित मिश्रा, उपनिदेशक सामान्य वन मंडल अधिकारी कि वह क्षेत्र के एसडीओ जिला एसडीएम की मौजूदगी में जानकारी देते हुए कलेक्टर द्वारा कहा गया है कि पिछले दिनों की भोपालपटनम विरोध प्रदर्शन में गलत तरीके की जानकारी लोगों में बांटा जा रहा जो कि गलत है विस्थापन क्षेत्र का मुख्य उद्देश्य बाघों का संरक्षण क्षेत्र में वन्यजीवों की आवागमन पर रोक-टोक नहीं हो जिन क्षेत्र को चिन्हांकित किया गया है। जिनमें अब तक 21 ग्राम आते हैं। इनमें से कुछ ग्राम अब की स्थिति में विराम है कोई नहीं रहता कुछ ग्रामों में लोग रहते हैं उनसे चर्चा कर गांव के लोगों को विस्थापन के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व संदीप बलगा

अभी हम बफर क्षेत्र नहीं बल्कि सिर्फ कोर एरिया में आने वाले ग्रामों के लोगों के साथ तालमेल स्थापित कर क्षेत्र में वन्य जीवो का प्रबंधन वा बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हो विस्थापन के लिए उन्हें मोटिवेट करने का काम करेंगे, वही प्रशासन का उद्देश्य इन ग्रामों में आने वाले 18 वर्ष से बड़े वयस्क कोई भी व्यक्ति परिवार विस्थापन का लाभ ले सकता है, वह शासन के द्वारा दिए जाने वाले सुविधाओं का लाभ भी ले सकता है वही प्रति व्यक्ति 15 लाख रुपए दिए जाएंगे, समाधि देने वाले लोगों को सबसे पहले 7.30 लाख रुपए दिया जाएगा बाकी सेकंड किस्त में ताकि वे अपना मकान जमीन खरीद कर पसंदीदा जगहों में बना सके। इसकी जानकारी भी दिया गया इसके अलावा अगर कोई पैसा का लाभ नहीं लेना चाहता तो अन्य सुविधाएं जमीन वा अन्य लाभ ले सकता है पर सर्वे के माध्यम से एक सूची तैयार की जाएगी वहीं स्वेच्छा से आने वालों के आवेदनों को लिए जाएंगे जोर जबरदस्ती से उन्हें हटाया नहीं जाएगा यह बात क्लियर है। जिस तरीके से पिछले दिनों लोगों में प्रचार-प्रसार किया गया जबरदस्ती हटाया जाएगा जो कि गलत हम बताएंगे बहुत कम लोग समझेंगे इसलिए आज मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचे इसलिए आज प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया है।

मौजूद एक ग्रामीण

ने कहा कि शासन ने हमारे क्षेत्र की विस्थापन की जानकारी दिया, मैंने स्वेच्छा से आवेदन किया बाकी लोग स्वेच्छा से अगर विस्थापन करना चाहते कर सकते हैं जबरदस्ती नहीं हटाया जाएगा या जानकारी मुझे दिया गया है। मेरे आवेदन पर अगर शासन लाभ मुझे देता तो मैं लूंगा।

इस दौरान सामान्य वन मंडल अधिकारी रामकृष्ण अय्यर, एसडीएम बीजापुर जागेश्वर कौशल, एसडीओ वन मंडल मनोज बघेल वा अन्य अधिकारी कुछ क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ मीडिया प्रतिनिधि मौजूद थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here