Program organized on Teacher’s Day at Brahma Kumaris Prabhu-Anurag Bhavan
सादर प्रकाशनार्थ:
प्रेस विज्ञप्ति
भावी भविष्य के कार्णधारों को तैयार करने की जिम्मेवारी शिक्षकों पर है – बीके शशिप्रभा
शिक्षक- सशक्त भारत के नवनिर्माता हैं -बीके शशिप्रभा
शिक्षाविदों का सम्मान समारोह ब्रह्माकुमारीज कोटमीसुनार में l
शिक्षक समाज की धूरी हैं -बीके शशिप्रभा
शिक्षक-सशक्त भारत के नवनिर्माता विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया l
मस्तूरी। अकलतरा के कोटमीसुनार ब्रह्माकुमारीज़ प्रभु-अनुराग भवन में शिक्षाविदों का सम्मान समारोह व शिक्षक-सशक्त भारत के नवनिर्माता विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया l राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा व टिकाराम कैवर्त्य के द्वारा 20 शिक्षकों का सम्मान तिलक,बैच , श्रीफल, मिठाई, कलम,स्लोगन , वरदान कार्ड भेंट कर किया गयाl
ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा ने समस्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज की धूरी हैं,इस संसार में भावी भविष्य के कर्णधार बच्चों को तैयार करने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों पर है l दीदी ने अपने बचपन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि किसी भी शिक्षक की ऐसी छवि हृदय में बस जाती है जो हमारा मार्ग सदैव आजीवन प्रशस्त करती रहती है, इसलिए हम शिक्षकों को अपनी अहम भूमिका व अपनी जिम्मेवारी का आभास हर पल होना अति आवश्यक हैl क्योंकि कहते हैं किसी इंजीनियर की गलती इमारत की परतों पर दब जाती है किसी वकील की गलती फाइलों की ढेर में दब जाती है,किसी डॉक्टर की गलती कब्रिस्तान में दब जाती है लेकिन शिक्षक के द्वारा की गई एक छोटी सी गलती दूर-दूर तक कई वर्षों तक अनेक माध्यमों से संसार में फैलती रहती हैl डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी हमेशा कहा करते थे कि बच्चों के भविष्य का निर्माण अर्थात राष्ट्र का निर्माण कक्षा में होता है न कि सांसद मेंl
उक्त बातें ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी नें कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए कही।संस्था का परिचय स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक संस्थान है जो कि विश्व के पांचो महाद्वीपों में 8000 सेवाकेंद्र के माध्यम से विश्व बंधुत्व, विश्व एकता की भावना को लेकर कार्य कर रहा है जैसे किसी विद्यालय में डॉक्टर इंजीनियर बैरिस्टर बनाया जाता है ऐसे ईश्वरीय विश्वविद्यालय में एक अच्छा इंसान बनने, चारित्रिक उत्थान, श्रेष्ठ मानवीय संस्कारों को धारण करने की शिक्षा दी जाती है संस्थान की भगिनी संस्था राजयोगा एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के शिक्षा प्रभाग के द्वारा समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम संस्थान आयोजित करता हैl ताकि व्यक्ति,समाज व राष्ट्र का नैतिक उत्थान हो सकेl आगे उन्होंने कहा कि पूरे भारतवर्ष में डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है l हमें बेहद खुशी है कि आप सभी शिक्षकों का सम्मान करने हेतु हमें अवसर मिला हैl
इस अवसर पर शासकीय प्राथमिक पाठशाला सांवरिया डेरा से प्रमोद निर्मलकर, कोटमीसुनार भाटापारा से प्रधान पाठक अश्वनी कुमार पटेल, शंकर लाल साहू, अंजलि निषाद, वासिलु निशा, केपीएस इंग्लिश मीडियम स्कूल कुम्हरपारा से रेशमी कैवर्त्य,कोतमी सुनार बस्ती से प्रधान पाठक इदरीश खान, हीरा साय रात्रे, मनीष रात्रि,विनोद रत्नाकर, सहोदरा निषाद, रामकुमार सोनी, सेवानिवृत शिक्षक सुरेश कुमार स्वर्णकार, शासकीय प्राथमिक कन्या शाला अकलतरा से महेंद्र थवाईत, पोड़ी भाठा से राम रतन थवाईत, अकलतरा से निष्ठा कुंभकार, दलहा पौड़ी से सेवानिवृत शिक्षक सुरेंद्र जी उपस्थित रहेl रेखा कुमारी के द्वारा लड़खड़ाते हैं हम थाम लेते हैं वो एवं टीचर शुक्रिया शुक्रिया पर नित्य प्रस्तुत किया गया l कुमारी सुरेखा के द्वारा ज्ञान का दान ही सबसे बड़ा हैं पर नृत्य किया l मंच का संचालन सुरेश साहू के द्वारा किया गयाlअंत में सभी शिक्षकों नें मेडिटेशन कर अपने आप की अहम भूमिका को महसूस किया l



