Jute Mill: Patwari reached the spot to investigate Jitendra Nishad’s complaint, SDM said – demarcation will be done on a large scale
एक लिखित शिकायत की , उक्त शिकायत में बताया गया है कि मोहन जूटमिल वार्ड नंबर 31 , 32 के क्षेत्र में भू माफियाओं के द्वारा जबरन तरीके से बेसकीमती सरकारी एवं 80 वर्ष पुराने तालाब को भी कब्ज़ा कर पाटा जा रहा है. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रवीण तिवारी से मिली जानकारी के अनुसार 22 सितम्बर 24 को एक पटवारी मोके पर पंहुचे हुए थे. उन्होंने आगे बताया कि पटवारी गए थे लेकिन सीमा निर्धारित नहीं हो रहा है । वह प्राईबेट भूमि , शासकीय भूमि दोनों मिला हुआ है, कल यानि 23 सितम्बर 24 को सीमांकन किया जायगा , आर.आई और दो तीन पटवारी जायँगे , और उसका व्यापक सीमांकन होगा , उसके बाद ही आगे कुछ तय होगा।
वित्त मंत्री से भी हो चुकी है शिकायत – विदित हो की बीते दिनों नगर भाजपा उपाध्यक्ष , दक्षिण मंडल के लोकप्रिय युवा नेता जितेंद्र निषाद ने वित्त मंत्री से रायपुर में मुलाकात की थी, और लेबर कॉलोनी के मजदूरों और उनके परिजनों के दुख दर्द को समझते और महसूस करते हुए उनकी ओर से आवाज उठाई थी। उन्होंने वित्त मंत्री को आवेदन देकर इस पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए मजदूरों को बेघर होने से बचाने की गुजारिश की है और न्यायोचित कार्यवाही करने की अपील की है ।
क्या है पूरा मामला – मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की रायगढ़ स्थित एकमात्र जूट मिल मोहन जूट मिल को बंद हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। बताया जा रहा है कि जूट मिल की अधिकांश संपत्ति को ठिकाने लगा दिया गया है । परंतु , दो दशक के बाद भी अभी तक जूट मिल में काम करने वाले मजदूरों की बकाया राशि और पेंशन की राशि उन्हें अभी तक प्राप्त नहीं हुई है । ज्ञात हो कि आज से करीब 50 वर्ष पूर्व मिल के मजदूरों के रहने के लिए जूट मिल प्रबंधन द्वारा लेबर कॉलोनी बसाई गई थी जिसमें मिल में काम करनेवाले मजदूर रहते थे । मिल के बंद होने के बाद अब भी लगभग 350 कर्मचारी और उनके परिजन जूट मिल लेबर कॉलोनी में रह रहे हैं । ये वे पीडि़त हैं जिनकी बकाया राशि का भुगतान जूट मिल प्रबंधन द्वारा अबतक नहीं किया गया है। ऐसे में इधर मोहन जूट मिल प्रबंधन ने मिल की संपत्तियों को चुपचाप ठिकाने लगाने की अपनी हरकत जारी रखी है । इसी कड़़ी में , जूट मिल प्रबंधन द्वारा लेबर कॉलोनी की जमीन भी गुपचुप तरीके से बेच दिए जाने की जानकारी मिली है । कॉलोनी से मजदूरों और उनके परिजनों को निकालने के लिए असामाजिक तत्वों द्वारा गुंडागर्दी किए जाने की बात सामने आई है। खबर तो यह भी है कि गुंडा तत्वों द्वारा मजदूरों को लगातार धमकाया जा रहा है और मजदूर आवास को खाली करने के लिए डराया धमकाया जा रहा है । घरों को तोडऩे और मजदूरों को बेघर कर जमीन पर कब्जा करने की साजिश को अंजाम देने की बात सामने आ रही है । गौरतलब है की कब्ज़ा ज़माने की भी शुरआत हो चुकी हैं, कब्ज़ा के लिए तरफ बाउंड्री दी जा रही है तो दूसरी तरफ जेसीबी लगाकर शसकीय भूमि पर कब्ज़ा एवं तालाब पाट कर उसपर भी कब्ज़ा किया जा रहा है और पेड़ भी काटे एवं जड़ सहित उखड़े जा रहे है।



